जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
सुशासन पर कलेक्टर का बड़ा फैसला : 30 दिन में शिकायतों का निराकरण अनिवार्य
एमसीबी। जिले में प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और आम जनता को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के निराकरण में अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार सहित सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का 30 दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए और प्रत्येक आवेदन का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
बैठक में राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, आरटीआई, पीएम पोर्टल एवं सीजी पोर्टल की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि केवल कागजी औपचारिकता नहीं चलेगी, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध उत्खनन, रेत खनन, आर्थिक सहायता एवं सामाजिक समस्याओं से जुड़े मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया।
बैठक में जल संरक्षण को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए जिले के सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जहां व्यवस्थाएं खराब हैं, वहां मरम्मत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही करने को कहा गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान घाघरा-रामानुजनगर क्षेत्र के एक शिक्षक के तीन वर्षों से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं महतारी वंदन योजना, आयुष्मान योजना, आधार अपडेट, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले वेंडरों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जनता तक उनका प्रभावी लाभ पहुंचाना है। प्रशासन को संवेदनशीलता, जवाबदेही और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा।

