जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
एमसीबी, मनेंद्रगढ़ जिले की कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में शनिवार को अमृतधारा पर्यटन स्थल पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को समर्पित एक प्रेरणादायी अभियान आयोजित किया गया। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर अमृतधारा में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्वच्छता ग्राही समूह की महिलाओं और पर्यटकों ने मिलकर श्रमदान किया तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर हरित भविष्य का संकल्प लिया।
अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में सभी प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही बस में सवार होकर अमृतधारा पहुंचे। इस पहल के माध्यम से ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू उठाकर परिसर की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
अक्सर छुट्टियों और पिकनिक के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक अमृतधारा पहुंचते हैं, जिसके कारण प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावित करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए चलाए गए अभियान में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर परिसर की साफ-सफाई की तथा पर्यटकों को भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सिंदूर, जामुन, आंवला, कटहल, अमरूद और गुलमोहर के पौधे लगाए गए। उपस्थित लोगों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधरोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। अमृतधारा मंदिर समिति के पुजारी ने भी माइक के माध्यम से पर्यटकों से पर्यटन स्थल को स्वच्छ बनाए रखने और प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाने की अपील की।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि अमृतधारा केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जिले की प्राकृतिक धरोहर और पहचान है। इसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े संसाधनों से अधिक जरूरी जागरूकता और जनभागीदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, गांव और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने तथा हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, प्लास्टिक का कम प्रयोग और जल संरक्षण जैसी छोटी-छोटी आदतें भविष्य की पीढ़ियों के लिए बड़ा योगदान साबित होंगी। प्रशासन केवल अभियान चलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास करेगा। कलेक्टर ने पर्यटकों से भी अपील की कि वे अमृतधारा सहित सभी पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
श्रमदान के पश्चात जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा ने सभी को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार, कचरा पृथक्करण और सामुदायिक स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाए तो स्वच्छ और हरित समाज का सपना आसानी से साकार हो सकता है।
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, एसडीएम लिंगराज सिदार, जिला खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा, जनपद पंचायत सीईओ वैशाली सिंह, जिला समन्वयक राजेश जैन, स्वच्छता ग्राही समूह की महिलाएं, स्थानीय ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे।
अमृतधारा में आयोजित यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और जनभागीदारी का सशक्त संदेश बनकर उभरा। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में प्रशासन और समाज ने मिलकर यह साबित किया कि जब संकल्प और सहभागिता साथ आते हैं, तब बदलाव की नई इबारत लिखी जाती है।



