सफलता की कहानी नैनो यूरिया बना किसान रामप्रसाद रात्रे की खेती का भरोसेमंद साथी नैनो यूरिया के उपयोग से समय, श्रम और लागत तीनों की होती है बचत- प्रगतिशील किसान श्री रामप्रसाद रात्रे नैनो यूरिया के उपयोग से खेती होती है अधिक सुविधाजनक और लाभकारी

 स्थान जिला सक्ति 

रिपोर्टर जगन्नाथ प्रसाद चंद्रा 





  सक्ती, 01 जून 2026/ जिले के किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। मालखरौदा विकासखंड के ग्राम नवागांव के प्रगतिशील किसान श्री रामप्रसाद रात्रे ने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष अपनी लगभग 4.50 एकड़ भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया, जिससे उन्हें अच्छे परिणाम प्राप्त हुए। उनके अनुसार पहले पारंपरिक यूरिया की 45 किलो वाली बोरी खरीदने, परिवहन करने और खेत तक पहुंचाने में अधिक खर्च और परेशानी होती थी। वहीं पीक सीजन में यूरिया की उपलब्धता भी कई बार चुनौती बन जाती थी। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है। इसकी उपलब्धता भी सामान्यतः बनी रहती है, जिससे फसलों को समय पर आवश्यक पोषण मिल जाता है। इससे समय, श्रम और लागत तीनों की बचत होती है। किसान श्री रामप्रसाद रात्रे का कहना है कि नैनो यूरिया उपयोग में सरल होने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में भी सहायक साबित हो रहा है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी उन्नत कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील की, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

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