खाद वितरण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन, सहायक पंजीयक निलंबित

जिला ब्यूरो चीफ बबलूजयसवाल 



सुशासन तिहार समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी — “जनता की समस्या में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में चल रहे जनसंपर्क और समाधान अभियान के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में एमसीबी, कोरिया और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर प्रशासनिक व्यवस्था की गहन पड़ताल की। भीषण गर्मी के बावजूद लगातार मैदानी दौरे कर रहे मुख्यमंत्री ने बैठक में विकास कार्यों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व प्रकरणों, पीएम आवास, कृषि तैयारियों और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

बैठक के दौरान खाद वितरण में गड़बड़ी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कोरिया जिले की सहकारी समिति जिल्दा से जुड़े सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर कोरिया को पूरे मामले की जांच कर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तीनों जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों की व्यवस्था की जाए तथा जरूरत पड़े तो सीमावर्ती जिलों से भी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सुशासन तिहार के दौरान लगाए जा रहे शिविरों और लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए और आम लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने सड़क, भवन और अन्य अधोसंरचना निर्माण में किसी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी दबाव में घटिया काम स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बरसात के पहले स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल स्रोतों में समय पर क्लोरीन डलवाने के निर्देश दिए। मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधूरे आवासों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नॉमिनी संबंधी समस्याओं के निराकरण कर हितग्राहियों को जल्द लाभ दिलाने की बात कही। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रेडी-टू-ईट निर्माण को बढ़ावा देने तथा नई सहकारी समितियों को सक्रिय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को पॉक्सो सहित गंभीर मामलों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं जिलों में पेट्रोल, डीजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा।

वन विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली और सिंचाई परियोजनाओं के लिए वन स्वीकृतियां समय पर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोयला खदानों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता है, इसलिए अनावश्यक रूप से खदानों को बंद नहीं किया जाना चाहिए। नए खदानों के लिए वन विभाग को सहयोगात्मक रवैया अपनाने को भी कहा गया।

गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों के भीतर बसे गांवों के पुनर्वास को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इच्छुक ग्रामीणों के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ करने और वन्यजीव संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु अभियान के तहत प्राप्त प्रकरणों की भी समीक्षा की। लौटाए गए जाति प्रमाणपत्र प्रकरणों का परीक्षण करने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वन अधिकार पत्रधारकों एवं संयुक्त खाताधारकों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

एमसीबी जिले में शिक्षा की खराब प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और जिला शिक्षा अधिकारी को विशेष कार्ययोजना बनाकर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के अंत में कहा कि सुशासन तिहार केवल अभियान नहीं बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं को जनता का सेवक समझकर कार्य करें और लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैया लाल रजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर रामनरेश राय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गे, आईजी पंकज झा सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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