29 करोड़ वर्ष पुरानी धरोहर के सानिध्य में गूंजेगा हरियाली का संदेश

 जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 



विश्व पर्यावरण दिवस पर गोंडवाना मरीन फॉसिल्स परिसर में होगा विशेष पौधारोपण, हसदो तट को संवारने का संकल्प

मनेन्द्रगढ़। पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को मनेन्द्रगढ़ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व के गोंडवाना मरीन फॉसिल्स क्षेत्र में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान तथा वन मंडल मनेन्द्रगढ़ के संयुक्त प्रयास से संपन्न होगा।

हसदो नदी तट पर स्थित लगभग 29 करोड़ वर्ष पुरानी भू-वैज्ञानिक धरोहर के बीच आयोजित होने वाला यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक विरासत के संवर्धन का संदेश भी देगा। कार्यक्रम के दौरान नदी तट की ढलानों पर अमलतास एवं विभिन्न रंगों की बोगनवेलिया के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे एक ओर मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायता मिलेगी तो दूसरी ओर फॉसिल्स क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में भी वृद्धि होगी।

संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जनजागरण अभियानों का संचालन करता रहा है। क्षेत्र में चंदन वन के संरक्षण से लेकर नर्मदा उद्गम क्षेत्र में पर्यावरणीय मुद्दों पर जनचेतना और सीमाओं से परे प्रकृति संरक्षण का संदेश देने वाली साइकिल यात्राओं तक संस्था ने पर्यावरण के प्रति समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस वर्ष का पौधारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराने का माध्यम भी बनेगा। आयोजकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र के दौर में प्रत्येक नागरिक का एक पौधा भी भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

कार्यक्रम में ग्रीन वैली मनेन्द्रगढ़ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पौधारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण के इस जनअभियान का हिस्सा बनें।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु और छाया प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के भी प्रमुख आधार हैं। ऐसे में विश्व पर्यावरण दिवस पर किया जाने वाला प्रत्येक पौधारोपण भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

हसदो नदी के किनारे हरियाली का यह नया अध्याय आने वाले समय में न केवल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा, बल्कि लोगों को प्रकृति और विरासत के संरक्षण के प्रति भी प्रेरित करेगा।

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