गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क से उठा हरित क्रांति का संदेश, पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प

 जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 




“एक पेड़, एक उम्मीद-एक बेहतर भविष्य” अभियान बना जनआंदोलन, विद्यार्थियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने दिखाई सहभागिता

एमसीबी, मनेंद्रगढ़ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आमाखेरवा स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क हरियाली, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गुंजायमान हो उठा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित भव्य वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों ने एकजुट होकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

“एक पेड़, एक उम्मीद-एक बेहतर भविष्य” एवं “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने पौधरोपण कर किया। इस दौरान अमलतास, चंदन, करंज, अशोक, गुलमोहर, मौलश्री, कचनार और गुड़हल सहित विभिन्न छायादार, औषधीय एवं सौंदर्यवर्धक पौधे लगाए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा विषय है। उन्होंने नागरिकों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत छोड़ने का आह्वान किया। वहीं वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष जल, जीवन और जैव विविधता के मूल आधार हैं। यदि आज वृक्षों को बचाने का संकल्प नहीं लिया गया तो भविष्य की पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकटों का सामना करना पड़ सकता है।

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी पक्ष पीएम श्री विद्यालय के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। बच्चों को जैव विविधता संरक्षण, जल संवर्धन और वृक्षों के महत्व की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने न केवल पौधे लगाए बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाने का भी संकल्प लिया।

ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर के रूप में पहचान रखने वाले गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जनजागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह आयोजन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने की सामूहिक चेतना का प्रेरक संदेश भी दे गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post