जशपुर जिले के आत्मानंद स्कूल के संविदा भर्ती में शिक्षा विभाग कर रहा अनियमितता साक्षात्कार के 12 दिन बाद भी जारी नहीं किया चयनित अभ्यर्थियों का लिस्ट

 


 दीपक वर्मा जशपुर छत्तीसगढ़


जशपुर:- शिक्षा विभाग द्वारा आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भर्ती में अनियमितता की शिकायत मिलने पर संसदीय सचिव यूडी ने पूरी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।जिसतरह  आनन फानन में अपारदर्शी रूप से भर्ती प्रक्रिया की जा रही है वह पूरी तरह अवैधानिक है परंतु विभाग मनमानी कर रहा है जिस पर रोक लगना जरूरी है।


ज्ञात हो कि इंटरव्यु की प्रक्रिया 28 तारीख से लगातार चल रही है परंतु आज  तक विभाग चयन सूची जारी नहीँ की गई है।इंटरव्यू करते करते 10 दिन से  अधिक हो गया है लेकिन आज तक चयन लिस्ट जारी नहीँ किया गया पिछली भर्ती में तो उसी दिन लिस्ट जारी हुई थी विलम्ब जानबूझकर किया जा रहा है ऐसा लोग कह रहे है कि पूरी सेटिंग करके विभाग नियुक्त आदेश जारी करेगा।बार बार नियम शर्तों में परिवर्तन किया गया इसके लिए शासन से अनुमति  भी नहीँ ली गई है विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी नियुक्त में मनमानी कर रहे हैं जिसका दुष्परिणाम जिले के शिक्षित बेरोजगार भोग रहे हैं।

          विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से पता चला कि विभाग जानबूझकर इसमें देरी कर रहा है चूँकि विभाग को पता है किसका चयन होने वाला है इंटरव्यु में किसके नम्बर अधिक हैं किसका सेलेक्शन होना है यह तय है इसलिए गुपचुप तरीके से विभाग के कुछ लोगों  को स्पेशल दूत बनाकर अभ्यर्थियों के संपर्क किया जा रहा है और 3 से 5 लाख की वसुली की जा रही है। सुत्रों ने बताया कि काम इतने गुपचुप तरीके से किया जा रहा है किसी को कुछ भी पता नहीं चलने दिया जा रहा है । विभाग द्वारा स्पेशल लोगों द्वारा दलाली कराई जा रही है।एक अभ्यर्थी ने कहा कि इंटरव्यू के बाद तुरन्त आदेश जारी होना चाहिए लेकिन आज तक आदेश जारी नई किया जा रहा है जो कि संदेह को जन्म देता है।


आपको बता दे कि यह पहली नियुक्ति है जिसमें नियम में बार बार संसोधन किया गया है  जबकि विज्ञापन में प्रकाशित होने के समय ही समय सारिणी जारी की जाती है जिसमें सब नियम शर्त लिखा होता है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम जो कि जिले के 7 ब्लॉक में संचालित किया जा रहा है कि नियुक्त की प्रक्रिया की जा रही जिसमें ऐसा किया जा रहा जैसे कि अधिकारी अपने घर के लिए चपरासी रखने के लिए करते हैं। दावा आपत्ति निकलने के बाद बिना वरिष्ठता सूची बनाय बिना सीधे सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया । पहले 5 लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया फिर 10 फिर 15 लोगों को बुलाया। नियम में बार जानबूझकर ऐसा परिवर्तन किया गया जिससे कि विभाग के वो चहेते और धन देने वाले लोग भी इन्टरव्यू में पहुँच जाएँ। पूरी प्रक्रिया को ही देखें तो इसमें भ्रस्टाचार की बू आ रही है। 

सबसे बड़ी बात की अभ्यर्थियों के द्वारा प्रक्रिया में आपत्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को मिलकर आवेदन देने गये परंतु जिला शिक्षा अधिकारी ने आवेदन लेने से ही मना कर दिया और ये भी कहा कि जाओ जहाँ जाना है मंत्री कलेक्टर कोर्ट विधायक मुख्यमंत्री कहाँ जाओगे, प्रक्रिया ऐसे ही होगी और उनसे अभद्र व्यवहार करके भाग दिया गया । इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर और मुख्यमंत्री से की है। वे अब कोर्ट जाने की तैयारी में है।


स्वामी आत्मानंद अंगरेजी माध्यम  विद्यालय   में जशपुर  जिला  के   विकासखंड   मनोरा  /  दुलदुला / कुनकुरी / बगीचा / फरसाबहार / कांसाबेल / पत्थलगांव में संविदा पर शिक्षक संवर्ग एवं अन्य पदों पर कर्मचारियों के नियुक्ति किया जाना है ।

जिसमें विज्ञापन में निहित विभिन्न  शर्तों एवं  मापदंडो  का पालन नहीं किया जा रहा है ।  इस भर्ती  प्रक्रिया में बहुत सारे अनियमितताएं देखने को मिल रही है शिकायत कर्ताओं ने इस भर्ती में की जा रही अनियमितता ओं की शिकायत की है जो इस  प्रकार  है  - 

 (1 ) चयन समिति हर ब्लॉक का अलग अलग किस आधर पर बनाया गया शासन से इसके लिए क्या निर्देश मिले थे ।संविदा नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा संविदा नियुक्ति नियम 2012 में निहित प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है , इस नियम  के  अनुसार  दिए  गए अनिवार्य  अर्हताए  तथा  पात्रता  मापदंड   विभागीय  भर्ती  के  अनुरूप  नहीं  है । 

(2 )  चयन  प्रक्रिया  की  दिशा  निर्देश  एवं  मापदंड  पूरा  किए  बिना,  मनमानी  तरीके  से  साक्षात्कार  की  प्रक्रिया  की   जा  रही  है । पात्र  अभयर्थी  को साक्षात्कार  के लिए  पहले लिखित रूप  से  सूचित  किया  जाना  चाहिए , परन्तु  ऐसा  चयन  समितियों  द्वारा  नहीं  किया  गया । एक रात पूर्व सूचित कर दूसरे दिन ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा। इस प्रकार की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के द्वारा पहली बार की जा रही है जो कि पूरी तरह जो कि पूरी तरह संदेहास्पद है।

(3 ) विज्ञापन के अनुसार साक्षात्कार के लिए एक पद के विरुद्ध 5 अभ्यर्थियों को बुलाना था जिस पर पहले विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 30-08 -2021 के अनुसार दिए गए पद शिक्षक एवं सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया  में एक पद के विरुद्ध 15 व्यक्ति को बुलाया जाना था , परंतु कुल 7 पद हेतु 15 अभ्यर्थी को बुलाया गया ।  (पहले साक्षात्कार  में  5  फिर  10 अभ्यर्थी  )को बुलाया।प्रकशित विज्ञापन में एक पद के विरूद्ध कितने अभ्यर्थियों को बुलाया जाने का शर्त था। जो परिवर्तन किया गया पहले 10 फिर 15 इसके लिए नोटिफिकेशन कब जारी किया गया क्या ये भर्ती नियम के विपरीत नई है यदि है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है

(4 )  पात्र  किए  गए  अभ्यर्थी  को साक्षात्कार  के  समय  अंकसूची  में  अंगरेजी  माध्यम  लिखा  नहीं  होने  के  कारण , चयन  समितियों द्वारा   मौखिक  रूप से  साक्षात्कार से वंचित  किया  गया ,  जो  की  यह  बिलकुल गलत  है , उस अभ्यर्थी  को लिखित सुचना  दी  जानी चाहिए  या पात्रता सिद्ध  करने  का  समय  दिया  जाना  चाहिए । 

(5 ) जो  अभ्यर्थी  साक्षात्कार  में  शामिल  नहीं  हुए  ,  या  वे  अनुपस्थित  थे  उनका  भी  साक्षात्कार  हो गया  , deojashpur  के   पोर्टल  पर  अपलोड  कर  दिया  गया  , जो  बिलकुल  निराधार  है ,  और  उन्हें  पात्र दिखा  दिया  गया  है । जो  अभ्यर्थी साक्षात्कार  में  अनुपस्थित  थे  , उन्हें अपात्र  या  अनुपस्थित  दर्शाया  जाना चाहिए  था  l

(6 )  साक्षात्कार  के  समय  चयन  समितियों  एवं  अधिकारियों  द्वारा  अभ्यर्थी  को  मार्गदर्शन  करने  के  बजाए  अनुचित  व्यवहार  किया  जाता है , जो कि किसी  अधिकारी के  लिए  अशोभनीय  है । 

(7 ) पात्र  सूची  में  शामिल  किए  गए  अभ्यर्थी  को  सिर्फ  प्राप्त  किए  गए  १०वी  , १२वी   एवं  स्नातक , स्नातकोत्तर  के  आधार  पर   इस  संविदा  भर्ती  प्रक्रिया  में  शामिल  किया  जा  रहा  है  , जिसमे  की  CGTET  / CTET  एवं  ज्यादा  अनुभव रखने  वाले  को  वरीयता  दिया  जाना  चाहिए  था । 

(8 )  जो  अभ्यर्थी  दूसरे  राज्य  से  शिक्षा  प्राप्त  किए   है  ,उन्हें  साक्षात्कार  की  प्रक्रिया  में उस  अभ्यर्थी  को  बिना  किसी  आधार  पर  चयन  समितियों  द्वारा मौखिक  रूप से  अपात्र  घोषित  कर  दिया  जाता  है  , जो  की  अनियमितता  को दर्शाता  है । अभ्यर्थी  को  अपनी  बात  रखने  का  या  पात्रता प्रमाण सिद्ध करने  का  मौक़ा   नहीं  दिया  जाता  है ।  जैसा  की  कोई  भी  अभ्यर्थी  किसी  भी  राज्य  से  शिक्षा  ग्रहण  कर  सकता है ।

(9)  इस  भर्ती प्रक्रिया  में  पात्र  किए  गए  सभी  अभ्यर्थियों  को   अपनी  प्रतिभा  दिखाने  का  मौका  नहीं  मिल रहा  है । यह  भर्ती  प्रक्रिया  चयन  समितियों  द्वारा    मनमानी  तरीके  से ,  बिना  पारदर्शिता  के  किया  जा रहा है। इस  भर्ती  प्रक्रिया में  साक्षात्कार  मात्र  औपचारिकता बन  गई   है ,जो  प्रतिभाशाली  अभ्यर्थी  है और अनिवार्य  योग्यता  रखते  है  उन्हें  इस  संविदा  भर्ती  में  मौका  नहीं  मिल  रहा  है ।

(10) यह स्वामी  आत्मानंद  अंगरेजी  माध्यम  संविदा  शिक्षक  संवर्ग  एवं  अन्य  पदों  पर  कर्मचारियों  की   भर्ती  , चयन  समिति  अधिकारीयों  एवं  कर्मचारियों  के  लिए  पैसे  कमाने  का  एक  साधन  बन चूका  है  , जो  यह  अव्यवस्था  को  दर्शाती  है । यह  भर्ती  प्रक्रिया अधिकारीयों  द्वारा  नियम एवं  अनुशासन के विपरीत  ,मनमानी  तरीके  से  किया  जा रहा है ।

       अभ्यर्थियों ने इस  भर्ती  प्रक्रिया  को  रद्द  करते  हुए नए  सिरे  से  संविदा  नियुक्ति  अधिनियम  2012  के  प्रावधानों  का  पालन  करते  हुए  पारदर्शिता  के  साथ  नियुक्ति  कराई  जाए और  जो  अभयर्थी  इस पद  हेतु   योग्यता  रखते  है या पात्र  है  उन्हें  मौक़ा  दिया  जाए । इसके  साथ  ही  जो  भी  अधिकारी  अनुचित  व्यवहार  या  अनियमितता  के  लिए  उत्तरदायी  है ,जांच  कर  उनके  विरुद्ध  कड़ी  करवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री से होगी आत्मानंद स्कूल में नियम विरुद्ध भर्ती की जाँच:-यूडी मिंज

संविदा भर्ती अपारदर्शी, मनमानी कर रहा विभाग

संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन यूडी मिंज ने कहा कि शुरुआत से ही शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए की जा रही भर्ती में अनियमितता की शिकायत मिल रही है। विभाग द्वारा भर्ती में नियम शर्तो का पालन किये बगैर मनमानी रूप से काम किया जा रहा जिससे इस भर्ती में योग्य उम्मीदवारों को स्थान नहीं मिल पा रहा है। यह भी शिकायत मिल रही है विभाग के कुछ लोग इसमें शामिल है जो कि चयनित उम्मीदवारों से पैसे की मांग कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात कि जिस दिन चयन समिति द्वारा इंटरव्यू लिये गए उसी दिन चयन सूची जारी हो जानी थी परंतु 10 -12 दिन बीतने के बाद भी विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी ही नहीं कि है जो कि पारदर्शी नहीँ है। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को फोन कर नियुक्ति निरस्त कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया करने को बोला है।

 संसदीय सचिव ने कहा कि सरकार की महत्वपूर्ण और शिक्षा के लिए महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम शरू किया है परन्तु विभाग के गैरजिम्मेदार अधिकारी इसमें अनियमितता कर रहे कोई भी प्रक्रिया इसमें पारदर्शी नहीँ है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी और इसकी जाँच कराई जाएगी।

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