कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का छात्रों से सीधा संवाद: 'सपनों को योजना में बदलिए, मनेन्द्रगढ़ की माटी से भी निकलेंगे देश के शीर्ष नीति-निर्माता'
विवेकानंद पीजी कॉलेज में 'सेवा संकल्प' के तहत मेगा करियर महाकुंभ; कलेक्टर की अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सिखाए UPSC और PSC पास करने के गुर
जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
मनेन्द्रगढ़।
जिले की नई पीढ़ी को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं की दहलीज तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सत्र में जिला कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रशासनिक प्रतिभा को तराशने का बीड़ा उठाया। कलेक्टर ने युवाओं में ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि दूरदराज या छोटे शहरों में रहने से सपने छोटे नहीं होते; सटीक रणनीति, सही किताबों का चुनाव और अटूट एकाग्रता से मनेन्द्रगढ़ का हर युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकता है।
सत्र की कमान संभालते हुए कलेक्टर सुश्री जांगड़े ने पूरी प्रशासनिक टीम के मार्गदर्शन को संकलित कर छात्रों को बताया कि प्रशासनिक सेवा मात्र एक आजीविका नहीं, बल्कि समाज के वंचित तबके के जीवन में आमूलचूल बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता के भय को पीछे छोड़कर आज से ही अपने दैनिक अध्ययन का सुनियोजित टाइम-टेबल तैयार करें।
प्रशासनिक टीम ने खोले परीक्षा क्रैक करने के 'सीक्रेट कोड्स'
कलेक्टर की मौजूदगी में मंच पर मौजूद युवा प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी औपचारिकता के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की ज़मीनी हकीकत समझाई:
प्रभावी उत्तर लेखन और निरंतरता: डिप्टी कलेक्टर सुश्री नेहा खलखो ने यूपीएससी (UPSC) की प्रकृति समझाते हुए बताया कि केवल पढ़ना काफी नहीं है, बल्कि सीमित समय में सटीक और धारदार उत्तर लिखना ही रैंक तय करता है।
रणनीति का अंतर और स्व-मूल्यांकन: डिप्टी कलेक्टर श्री स्वप्निल वर्मा ने यूपीएससी और राज्य पीएससी (PSC) के मध्य सिलेबस के तकनीकी अंतर, प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकों और स्व-मूल्यांकन (सेल्फ-असेसमेंट) के तरीकों पर विस्तार से बात की।
* प्रशासनिक दायित्व और जनहित: एसडीएम श्री लिंगराज सिदार ने शासकीय व्यवस्था के विभिन्न स्तरों की जिम्मेदारी और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं पहुंचाने के संतोष को साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया।
मंच से सीधे संवाद: बेझिझक पूछे सवाल, अफसरों ने दिए प्रैक्टिकल जवाब
कार्यक्रम के ओपन-माइक सत्र में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। परीक्षा के दबाव, अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के द्वंद्व, और प्रारंभिक परीक्षा से मुख्य परीक्षा तक के तनाव प्रबंधन को लेकर छात्रों ने कलेक्टर एवं उनकी टीम के सामने सीधे सवाल रखे। अधिकारियों ने हर सवाल को गंभीरता से लेते हुए व्यावहारिक समाधान सुझाए।
कार्यक्रम के आरंभ में प्राचार्य प्रोफेसर श्राबनी चक्रवर्ती ने कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े एवं प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण व कस्बाई युवाओं की सोच को एक नया फलक देते हैं। मंच संचालन प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अरुणिमा दत्त ने किया। इस दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्री अनिल सिदार, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और सैकड़ों की तादाद में उत्साही विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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