रिपोर्टर दीपक वर्मा
जिला जशपुर छत्तीसगढ़
छात्र जीवन साधना एवं त्याग का होता है, यह वही समय है जहां से भविष्य की नींव गढ़ी जाती है ,जहां प्रायोगिक ज्ञान के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक होता है ,यहीं से सफलता की दिशा एवं दशा तय होती है ,सफलता के लिए उचित मार्ग एवं दिशा हमें खुद को करनी पड़ती है ,सफल होने के दो रास्ते हैं ,एक रास्ता अच्छाई का एवं दूसरा बुराई का ,हमें हमेशा अच्छाई के रास्ते पर चलना चाहिए ,कभी एक दूसरे से अपनी तुलना किए बिना अपने कार्यों को समय पर पूरा करें तो इससे आंतरिक आनंद की अनुभूति होगी । यह बातें सयुंक्त कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुनकुरी रवि राही ने सोमवार को कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में स्कूली छात्राओं को एकदिवसीय कॅरियर मार्गदर्शन कार्यशाला के दौरान लाइव संबोधित करते हुए कही ।
उन्होंने कहा कि
सफलता एवं असफलता एक दूसरे के पूरक हैं ,जिंदगी में कभी ऐसे अवसर भी आते हैं जहाँ हमें असफल होना पड़ता है लेकिन इसका भी हमें सामना करना होगा । जिंदगी में कामयाबी का सफर कब हासिल होगा यह किसी को नहीं पता लेकिन मंजिल के रास्ते की दिशा बदले बिना यदि हम अंतिम छोर तक पहुंचे तो यहाँ कामयाबी और खुशी दोनों मिलेगी ,सफलता प्राप्त करने के लिए हमें सभी इन्द्रियों को बंद कर अध्ययन करना होगा ,मन के भटकाव एवं विचलन को रोककर हम आसानी से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि रेस जीतने के लिए त्याग एवं समर्पण जरूरी है ,उन्होंने स्टूडेंट्स को अध्ययन के आइडिया देते हुए कॅरियर के क्षेत्रों की जानकारी साझा की एवं कहा कि आपकी रुचि जिस क्षेत्र में है ,उसी का चुनाव करें ,प्रतियोगी परीक्षाओं में स्पर्धा काफी अहम होता है ,इसकी तैयारी पूर्व निर्धारित योजना के तहत अभी से आरंभ करें जिससे आने वाले समय में बेहतर सफलता हासिल होगी ।इस दौरान उन्होंने संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को विद्यालय की बेहतरी एवं उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए कार्य करने को कहा एवं आवश्यक निर्देश दिए।
ऑफलाइन वर्कशॉप में जशपुर से विशेषज्ञ एस पी यादव ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी परीक्षा में लक्ष्य निर्धारण से लक्ष्य की प्राप्ति तक स्टूडेंट्स को विपरीत परिस्थितियों का भी सामना करना होता है ,उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए प्रयोगशीलता के साथ लगनशीलता का समन्वय जरूरी है ,उन्होंने बताया कि परीक्षा के पूर्व बेहतर तैयारी के लिए विषय वस्तुओं के विविध तथ्यों को विश्लेषण करके समझना होगा। विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा की भावना से अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करें एवं अपनी दिनचर्या में परिवर्तन लाते हुए प्रायोगिक ज्ञान हासिल करें ,नकारात्मक सोच से दूर रहें एवं दूरगामी सोचें ,मोबाइल फोन एवं इंटरनेट का उपयोग आवश्यक होने पर ही करें, इंटरनेट का उपयोग शिक्षण में बेहतर जानकारी के लिए किया जा सकता है ,परीक्षा के पूर्व एवं परीक्षा के दौरान बाधक तत्वों से दूर रहें, उन्होंने समय प्रबन्धन ,आत्मविश्लेषण ,अध्ययन पद्धति ,अध्ययन सामग्री ,रणनीति के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि स्टडी के दौरान स्टूडेंट्स विषय वस्तुओं के विविध तथ्यों के नोट्स बनाएं , एवं अपने तैयारी के स्तर को जांचने के लिए मॉक टेस्ट स्वयं करें ,इससे संभावित गलतियों का पता चलेगा ।आपकी अध्ययन की रणनीति में परीक्षा की तैयारी के प्रत्येक आयाम को स्थान मिले ,परीक्षा के पूर्व एकाग्रता काफी आवश्यक होता है ,परीक्षा भवन में छात्रों का प्रस्तुतिकरण काफी महत्वपूर्ण होता है लेकिन मनोवैज्ञानिक एवं अन्य दवाबों के कारण वह अनावश्यक भूलें कर बैठता है ,स्टूडेंट्स को परीक्षा के पूर्व एवं परीक्षा के दौरान मनोवैज्ञानिक दवाब से बचना चाहिए।उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के आइडिया शेयर करते हुए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कॅरियर के विकल्पों की जानकारी स्टूडेंट्स को साझा की ।
जानिये छात्रों ने क्या कहा।
ऑफलाइन कार्यशाला में स्टूडेंट्स अपूर्वा ,रूपम ,चेतना ,दिव्या खुशनुमा परवीन एवं अन्य ने जिज्ञासा आधारित कई अहम सवाल पूछे,जिसका जबाब उन्हें मौके पर दिया गया ।
उन्होंने लाइव कार्यशाला के दौरान अपने फीडबैक में बताया कि आज उन्हें जो प्रायोगिक एवं व्यवहारिक ज्ञान के साथ साथ सूक्ष्म अध्ययन के लिए जो आइडिया मिले जो जिंदगी में सफलता के लिए कई मायनों में काफी अहम है ।उन्हें इस कार्यशाला के माध्यम से बेहतर सीख एवं समझ विकसित हुई है और वे इसे जीवन में अनुप्रयोग करेंगे।
ऑफलाइन इवेंट की जानकारी देते हुए नेशनल इनोवेशन फोरम के सयोंजक एस पी यादव ने बताया कि इस कार्यशाला के दौरान विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों सहित 140 स्कूली छात्र उपस्थित थे।


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