बलरामपुर के आश्रित ग्राम पी.व्ही. 63, 66, 61 सहित क्षेत्र में ऐसी ओलावृष्टि हुई क्षेत्र में धान के फसलो के बाद लगाई गई मक्का के फसल पूरी तरह नष्ट हो गया है।


रिपोर्ट- शंकर जयधार 

जिला  -बलरामपुर


पखांजुर के ग्राम पंचायत बलरामपुर के आश्रित ग्राम पी.व्ही. 63, 66, 61 सहित क्षेत्र में ऐसी ओलावृष्टि हुई कि घरों के छप्पर की छतें टूट गईं। क्षेत्र में धान के फसलो के बाद लगाई गई मक्का के फसल पूरी तरह नष्ट हो गया है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कितनी ज्यादा नुकसान हुई है। ग्रामीणों के माने पिछले कईयो वर्षों का रिकार्ड बुधवार, 29,12, 2021 की रात हुई ओलावृष्टि ने तोड़ दिया। इस प्राकृतिक आपदा में लोगों का घर व फसलों का काफी नुकसान पहुंचा।

बुधवार की रात गांव में रहने वाले गरीब किसानों के लिए कमोबेश कयामत की रात बनकर आई। क्षेत्र में ओलावृष्टि यानी बर्फ इतनी ज्यादा गिरा की एल्वेस्टर, टाली, खपरा से बने मकान के छप्पर फुट गया है। घरों में पानी भर गया है। लोग सो नही पा रहे है। क्षेत्र में हुई बर्फबारी ने लोगों को हक्का-बक्का कर दिया है। ग्राम पंचायत बलरामपुर के लोगों के न सिर्फ घर क्षतिग्रस्त हुए बल्कि इनकी खेतों के फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है। क्षेत्र के लोग इस तबाही को देख विचलित हैं। कमोबेश सभी के घर के छत इस ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गये हैं। बर्फ इतनी ज्यादा गिरा की घरों के छप्पर टूट-फुट गया है। जिसके चलते घरों में पानी भर गया। साथ ही लोगो को भींगना पड़ा है।

वहीं किसानों के खेतों में लगे मक्का के पौधा  बर्फ से पूरी तरह ढक गया है। मक्का के पौधा बुरी तरह से टूट-फुट गया है। किसान त्राहिमाम कर रहे हैं। बुधवार की रात करीब 9 बजे अचानक हुई ओलावृष्टि से पखांजुर के ग्राम पंचायत बलरामपुर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। करीब एक घंटा तक ओलावृष्टि से ग्रामीणों के घर छतिग्रस्त हो गये। वहीं खेतों में लगी मक्का की फसल बुरी तरह बर्बाद हो गयी। 

ग्रामीण सत्यरंजन ढाली, प्रेमानंद मंडल, भुवन बड़ाई, खोकन मंडल, दीपंकर हालदार, नागेंद्र हालदार, तपन मंडल, भजन मंडल, आनंद हालदार, मंगल, कनाई देवनाथ सहित क्षेत्रवासियों ने बताया कि आज तक इतनी ज्यादा बर्फबारी हमने अभी तक नही देखी है। उन्होंने ये भी बताया कि ओलावृष्टि के चलते खेत मे लगे मक्का के फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया है। कर्ज लेकर खेती किया था पूरा फसल नष्ट हो गया है। हम किसानों का आय का एकमात्र स्रोत खेती किसानी है जो पूरी तरह से नष्ट हो गया है। अब क्या करूँ कुछ समझ मे नही आ रहा है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगया की उन्हें जल्द से जल्द हुई नुकसान की दुगुना मुआवजा दिया जाए



Post a Comment

Previous Post Next Post