रिपोर्टर दीपक वर्मा
रिपोर्टर दीपक वर्मा जिला जशपुर छत्तीसगढ़
जशपुर :- सरकार के द्वारा शिक्षा का अलख जगाने के लिए कई प्रकार के योजना बना - बनाकर कई स्कूल खोले जा रहे हैं, पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के लिए कई सारी सुविधाएं दी जा रही है, बावजूद इसके स्कूल प्रबंधक अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे।
आपको बता दें कि शुक्रवार को जशपुर जिले में एक निजी स्कूल के प्रचार्य ने स्कूल के फीस नही भरने पर परीक्षा से छात्रों को वंचित कर दिया। मामला विकास खण्ड – फ़रसाबहार के ज्ञानोदय निजी स्कूल तपकरा की है। शिक्षा के एक मंदिर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें स्कूल में समय से फीस जमा न कर पाने के कारण विद्यालय के प्रचार्य पर बच्चों को स्कूल से बाहर निकालने वह अर्धवार्षिक परीक्षा छुड़ाने का आरोप लगाया है, पेरेंट्स अजय गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा ज्ञानोदय स्कूल तपकरा में कक्षा– चौथी में अध्ययनरत है। जिसे परीक्षा देने के नाम से कक्षा में न बैठा कर उसे बहार के केम्पस में बैठाया गया था, जब वहां मौके पर जाकर देखा गया तो मंजर कुछ यूं था कि दर्जनों छात्र जो स्कूल की फीस नही दे पाए थे, वे बाहर स्कूल के केम्पस में बैठे थे। समय अनुसार जो स्कूल के फीस दिए थे वो बच्चे केम्पस के बाहर नही बल्कि परीक्षा कक्ष में थे। राज्य शासन के निर्देशन अनुसार जो स्कूल के फीस नही दें उन्हें भी परीक्षा देने का अधिकार है। अब देखना है इन दोषियों पर प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है, या फिर इन्हें इसी तरह खुली छूट देने का फैसला लेंगे। मामले को लेकर अजय गुप्ता ने जिला कलेक्टर रितेश अग्रवाल एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी सी. आर भगत से दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क किया । जिसमें उचित न्याय दिलाने की बात कही है। वहीं एक पेरेंट्स ने कहा कि उनके बच्ची को भी पानी पीने एवं अन्य किसी मामले में अभद्र टिप्पणी स्कूल के स्टॉप द्वारा की गई थी। जिसको लेकर भी कुछ दिनों पहले शिक्षा मंत्री एवं जिला शिक्षा अधिकारी के पास लिखित शिकायत की गई है ।
मामले में स्कूल के प्रचार्य के.लकड़ा ने बताया कि हम किसी भी छात्र – छात्राओं को परीक्षा से वंचित नही किए हैं। बस सजा के तौर पर जिन बच्चों का फीस नही पटाया गया था। उन्हें परीक्षा हॉल में न बैठा कर उन्हें स्कूल के केम्पस में बैठने को कहा गया और हॉल में परीक्षा खत्म होने बाद उन्हें अलग से परीक्षा लिखने दिया गया है, प्रचार्य ने यह भी बताया कि कई स्टूडेंट के पेरेंट्स साल साल भर से स्कूल के फीस नही दे पाए हैं, जिससे स्कूल के व्यवस्था बिगड़ रही है। इस तरह का आरोप गलत है।
जब स्कूल केम्पस से बहार निकल रहे थे, तब वहां के स्कूल बस चालक एवं उपचालक ने भी अपना दर्द बयां किया और कहा प्रचार्य मेडम साल भर से झूठ बोल रही है, वेतन बढ़ाना तो दूर शासकीय छुट्टी को भी बक्सा नही जा रहा है, छुट्टी के दिनों का भी भत्ता काट दिया जा रहा है । जिससे चालक और उपचालक विशेष रूप से स्कूली व्यवस्था से दुःखी नजर आये।
इस मामले में अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। जिला शिक्षा अधिकारी से भी फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
Post a Comment