FLNAT आकलन परीक्षा में 2,000 शिक्षार्थियों को शामिल कराने का लक्ष्य; 200 केंद्रों के जरिए गांव-गांव जगेगी अक्षर अलख
10 असाक्षरों को पढ़ाने वाले छात्रों को मिलेंगे 10 बोनस अंक; मोबाइल टॉर्च रैली और प्रभातफेरी से जन-जन को जोड़ेगा प्रशासन
ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)
जिले को संपूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत आगामी 27 सितंबर 2026 को जिले भर में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा (FLNAT) का विशाल महापरीक्षा अभियान आयोजित किया जाएगा। इस महाअभियान का सीधा उद्देश्य उन वयस्कों और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जो बुनियादी अक्षर ज्ञान और साधारण गणितीय गणनाओं से अब तक वंचित रहे हैं।
लक्ष्य: 2,000 नवसाक्षर देंगे परीक्षा, 1,808 पहले ही चिन्हित
जिले में अब तक कुल 1,707 शिक्षार्थियों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि महज 8 ग्रामों व शहरी वार्डों में अंतिम चरण का सर्वे जारी है। इसके साथ ही 22 मार्च 2026 को आयोजित पिछली परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे 101 शिक्षार्थियों को भी पुनः इस महापरीक्षा में बैठने का अवसर दिया जा रहा है। वर्तमान में कुल 1,808 शिक्षार्थियों का चिन्हांकन हो चुका है, जिसे बढ़ाकर 2,000 परीक्षार्थियों के आंकड़े तक पहुँचाने के लिए पूरा अमला मैदान में उतर चुका है।
200 केंद्रों का मजबूत नेटवर्क, 74 में कक्षाएं शुरू
प्रशासन ने जिले में कुल 200 विशेष उल्लास साक्षरता केंद्र स्थापित करने का खाका तैयार किया है। इनमें से 74 केंद्रों का संचालन युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है, जहां 703 शिक्षार्थी नियमित रूप से बुनियादी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संकुल समन्वयकों, ग्राम प्रभारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे शेष चिन्हित शिक्षार्थियों को भी जल्द से जल्द इन केंद्रों से जोड़ें।
छात्रों के लिए सुनहरा मौका: 10 नवसाक्षर गढ़िए, 10 बोनस अंक पाइए
इस पूरे अभियान को एक 'जन-आंदोलन' का रूप दिया गया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्वयंसेवक बनने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। नियम के तहत यदि कोई स्कूली छात्र 10 असाक्षरों को साक्षर बनाने में सफल रहता है, तो उसे स्थानीय व बोर्ड परीक्षाओं में 10 बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, मितानिन बहनें और महिला स्व-सहायता समूहों को भी प्रेरक के रूप में तैनात किया गया है।
अनोखा जन-जागरण: मोबाइल टॉर्च रैली और चौपाल संपर्क
साक्षरता के प्रति उत्साह भरने के लिए जिले के कस्बों और टोलों में नवाचार किए जा रहे हैं:
शाम की टॉर्च रैली: शाम ढलते ही गांवों में मोबाइल की टॉर्च जलाकर साक्षरता रैली निकाली जा रही है, जो ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है।
निजी जिम्मेदारी: प्रत्येक असाक्षर की पढ़ाई और परीक्षा में उपस्थिति की जिम्मेदारी स्थानीय पंच, सरपंच अथवा किसी जिम्मेदार नागरिक को सौंपी जा रही है।
दीवार लेखन व रैलियां: जगह-जगह प्रेरक नारे और प्रभातफेरियों के माध्यम से बुजुर्गों व गृहणियों को केंद्रों तक लाया जा रहा है।
हाईटेक मॉनिटरिंग: हफ्ते में दो दिन समीक्षा और वेबिनार
अभियान की पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), प्राचार्यों और समन्वयकों के साथ सप्ताह में दो दिन विशेष वेबिनार के जरिए वर्चुअल समीक्षा कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायकों और कलेक्टर की ओर से भी आमजन से अपील की जा रही है कि वे 27 सितंबर को अपने निकटतम केंद्र में पहुँचकर इस महापरीक्षा अभियान को सफल बनाएं।

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