चांपा। गणेश उत्सव के पावन पर्व पर चांपा शहर में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी बीच आदर्श पब्लिक स्कूल चांपा के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने अपने अनुशासन, संस्कार और यातायात नियमों के पालन से शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में बच्चों ने कतारबद्ध होकर सदर बाजार स्थित राजा नामक गणेश प्रतिमा के दर्शन किए ,
गणपति बप्पा के दर्शन के लिए निकले बच्चों ने पूरे रास्ते अनुशासन का परिचय दिया। बच्चे एक-दूसरे के साथ कतार में चलते हुए यातायात नियमों का पालन करते नजर आए। बीच शहर में बड़ी संख्या में नन्हे बच्चों को इस तरह व्यवस्थित एवं अनुशासित तरीके से चलते देख राहगीर और आम नागरिक भी प्रभावित हुए। बच्चों के व्यवहार और अनुशासन को देखकर कई लोगों ने इसकी सराहना की।
अनुशासन के साथ संस्कार और जिम्मेदारी का संदेश
आदर्श पब्लिक स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यवहारिक जीवन के महत्वपूर्ण नियमों से भी परिचित कराने का प्रयास किया। गणेश उत्सव के अवसर पर बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर किस तरह अनुशासन बनाए रखना चाहिए, यातायात नियमों का पालन कैसे करना चाहिए तथा धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में जिम्मेदारी के साथ किस प्रकार सहभागी बनना चाहिए, इसका व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया।
नन्हे बच्चों की कतार देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे किसी विशेष अभ्यास के साथ आगे बढ़ रहे हों। बच्चों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी लगातार मौजूद रहे और उन्हें व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते रहे। इस दौरान बच्चों ने गणपति बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और उत्साह के साथ गणेश उत्सव में सहभागिता की।
शिक्षकों की पहल बनी शहर में चर्चा का विषय
गणेश उत्सव जैसे सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन के दौरान बच्चों को शहर के बीच सुरक्षित एवं अनुशासित तरीके से भ्रमण कराना अपने आप में एक सराहनीय शैक्षणिक पहल रही। आम लोगों का मानना रहा कि बच्चों को बचपन से ही अनुशासन, यातायात नियमों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाए तो भविष्य में वे अधिक जागरूक नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
आदर्श पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं की यह गतिविधि केवल गणपति दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने अनुशासन, संस्कार, यातायात जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। बच्चों को इस प्रकार की व्यवहारिक शिक्षा देने में स्कूल के शिक्षकों और संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
नन्हे बच्चों को देखकर खुश हुए शहरवासी
सदर बाजार क्षेत्र में जब छोटे-छोटे बच्चे कतारबद्ध होकर गणपति बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचे तो आसपास मौजूद लोगों की नजरें भी बच्चों पर टिक गईं। बच्चों की व्यवस्थित कतार, शिक्षकों का मार्गदर्शन और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ने लोगों को प्रभावित किया। कई नागरिकों ने बच्चों के अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की शिक्षा देना भी बेहद आवश्यक है।
गणेश उत्सव के इस पावन अवसर पर आदर्श पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि अनुशासन केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली बात नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों की इस पहल ने गणेश उत्सव की खुशियों के बीच एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश भी दिया।
रघु साहू जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ

Post a Comment