वनांचल से शहर तक गूंजा आरोग्य मंत्र: एमसीबी के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब, एक साथ साधक बने सैकड़ों ग्रामीण

 



'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे की ऐतिहासिक पहल; योग-प्राणायाम के साथ हुई निःशुल्क जांच, ग्रामीणों ने लिया निरोगी रहने का संकल्प

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 

 मनेंद्रगढ़

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के सुदूर वनांचलों से लेकर शहरी गलियारों तक बुधवार की सुबह एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव की साक्षी बनी। राज्य शासन के महत्वाकांक्षी 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एक साथ वृहद योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) शिविरों का आयोजन किया गया। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में संचालित इस महा-अभियान में ग्रामीणों ने रिकॉर्ड भागीदारी निभाते हुए यह साबित कर दिया कि जागरूकता से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

सांसों की लय पर सधी सेहत, बीपी-शुगर से मुक्ति का लिया संकल्प

अभियान को धरातल पर उतारने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल एवं जिला नोडल अधिकारी अवनीश पाण्डेय के नेतृत्व में सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की गई थी। समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) और ब्लॉक प्रबंधकों के समन्वय से सुबह होते ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों, सुपरवाइजरों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) तथा रूरल हेल्थ ऑफिसर्स (आरएचओ) ने मोर्चा संभाल लिया।

शिविरों में उपस्थित नागरिकों को विभिन्न सरल योगासन, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का गहन अभ्यास कराया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाया कि जीवनशैली से जुड़ी घातक बीमारियों—जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और कैंसर—की रोकथाम में दैनिक योगाभ्यास सबसे अचूक और किफायती ढाल है। इस दौरान सभी ने नियमित योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की शपथ ली।

आरोग्य मंदिर केवल दवा के नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के केंद्र: डॉ. अविनाश खरे

अभियान की सफलता पर सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने कहा, "जिला प्रशासन अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक केवल उपचार ही नहीं, बल्कि 'निवारक स्वास्थ्य' (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) की सोच पहुंचाना चाहता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में उपजे तनाव और गंभीर गैर-संचारी रोगों से बचने का सबसे सशक्त माध्यम योग है। हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब केवल इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये स्वस्थ जीवनशैली के प्रेरक केंद्र बन चुके हैं।"

निःशुल्क जांच और परामर्श से मिली ग्रामीणों को बड़ी राहत

योग सत्र के समापन के बाद केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य परामर्श और निःशुल्क नैदानिक जांच शिविर भी लगाए गए, जहां बीपी और शुगर की तुरंत जांच कर उचित चिकित्सकीय सलाह दी गई। वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस जमीनी पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह के आयोजनों से उन्हें अस्पताल के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और अपनी सेहत सुधारने की नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य अमले की सक्रियता और जनसहयोग के इस अनूठे समन्वय ने पूरे जिले में 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की संकल्पना को साकार कर दिखाया।

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