जनदर्शन में जनता की आवाज़ बनी प्राथमिकता: कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने 21 मामलों पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

 जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 



भूमि विवाद से लेकर अवैध कोयला उत्खनन तक गूंजे मुद्दे,“औपचारिक नहीं, समाधान आधारित कार्रवाई करें अधिकारी”

एमसीबी/मनेंद्रगढ़/ जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, मुआवजा, राशन, आवास, पेंशन, जल जीवन मिशन, अवैध उत्खनन और मानदेय भुगतान सहित कई महत्वपूर्ण मामलों को प्रशासन के सामने रखा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार सहित जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनदर्शन में कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कई मामलों में वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर लोग उम्मीद लेकर पहुंचे थे। सिंगरौली निवासी अंकुर तिवारी ने मानदेय भुगतान और पुराने आवेदनों के निराकरण की मांग रखी, जबकि झगराखांड निवासी राम प्रसाद ने भूमि विवाद का मामला उठाया। चित्ताझोर निवासी सुरेश पाल एवं बंजी निवासी सकुन्ती देवी ने मुआवजा राशि भुगतान को लेकर प्रशासन से राहत की मांग की।

इसी दौरान बरबसपुर निवासी रामकृपाल पटवा ने जिले में अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन का गंभीर मामला उठाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। वहीं मनेंद्रगढ़ निवासी अनीश बेगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान में जलभराव की समस्या बताई। जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायत, राशन वितरण, पेंशन भुगतान, नल कनेक्शन नामांतरण और पैतृक भूमि बंटवारे जैसे मामलों पर भी सुनवाई हुई।

कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनदर्शन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आमजन के विश्वास का माध्यम है। प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और पात्र हितग्राहियों को वास्तविक राहत पहुंचाने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान देना है। जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद मजबूत हो रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

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