चिरमिरी में मंच से गरजे जगद्गुरु रामभद्राचार्य, “परीक्षण कर लें मेरा जगद्गुरुत्व”

 जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल


श्रीराम कथा के अंतिम दिन सियासी बयान पर तीखा पलटवार, चरणदास महंत को दी खुली चुनौती

चिरमिरी। एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के अंतिम दिवस आध्यात्मिक वातावरण के बीच सियासी बयानबाजी भी चर्चा का केंद्र बन गई। कथा व्यासपीठ से जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए खुली चुनौती दे डाली।

दरअसल, मनेंद्रगढ़ प्रवास के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा था कि वे कथा सुनने नहीं जाएंगे और वे रामभद्राचार्य जी को “जगतगुरु” नहीं मानते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे भाजपा का पक्ष लेते हैं, इसलिए भाजपा के प्रचारक हैं। यह बयान सोशल मीडिया और समाचार चैनलों के माध्यम से तेजी से वायरल हुआ और कथा स्थल तक पहुंच गया।

कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वे हर आलोचना सह सकते हैं, लेकिन उनके “जगद्गुरुत्व” को चुनौती देना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंच से कहा —

“महंत को मेरी खुली चुनौती है, मेरे जगद्गुरुत्व का पूर्ण परीक्षण कर लें। जगद्गुरु बनने के लिए तीन ग्रंथों पर भाष्य लिखना अनिवार्य होता है और मैं सभी कसौटियों पर खरा हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि देश के सभी अखाड़ों ने उनके जगद्गुरुत्व को स्वीकार किया है। अपने संबोधन में उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि “रामभक्तों पर लाठियां ही नहीं, गोलियां तक चलवाई गई थीं” और संत समाज महीनों तक जेल में रहा।

जगत्गुरु ने तीखे अंदाज में कहा कि संतों पर टिप्पणी करने से पहले मर्यादा और सामान्य समझ होनी चाहिए। उन्होंने स्वयं को “ऐसा-वैसा जगद्गुरु नहीं” बताते हुए कहा कि वे 22 भाषाओं में धारा प्रवाह बोल सकते हैं।

जगत्गुरु के इन वक्तव्यों के दौरान पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से समर्थन जताया और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

इसके बाद कथा का क्रम पुनः प्रारंभ हुआ, जिसमें हनुमानजी महाराज की भक्ति, समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति निष्काम सेवा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। जगद्गुरु ने कहा कि यह कथा “भक्ति की आठ विधाओं” पर आधारित पंचम रामचरित मानस है।

भव्य आरती में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री

कथा उपरांत आयोजन समिति के संरक्षक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भव्य आरती में शामिल हुए और पूज्य गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभावना का भी संदेश देने वाला रहा।

आज होगा विशाल भोग-भंडारा

कथा के दसवें दिन मंगलवार को पूर्णाहुति के बाद विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए कथा स्थल पर 10 बेड का अस्थायी आपातकालीन अस्पताल भी संचालित किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया।

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