जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
धान उठाव में ढिलाई, खाद-बीज की कालाबाजारी और लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन तय
एमसीबी/मनेंद्रगढ़/ किसानों के हितों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कृषि, खाद्य, विपणन विभाग एवं सहकारिता बैंक की संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने अधिकारियों को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि खाद-बीज की कालाबाजा
री, धान उठाव में लापरवाही या किसानों की शिकायत सामने आने पर सीधे कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो दुकानों को सील करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी एसडीएम, विभागीय अधिकारी तथा तीनों विकासखंडों के आरईएओ उपस्थित रहे। बैठक में एग्रीस्टैक आईडी सैचुरेशन, धान खरीदी केंद्रों में धान उठाव, खाद-बीज वितरण और जिले में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने एग्रीस्टैक आईडी अपडेट कार्य में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाए और पटवारियों के साथ समन्वय बनाकर हर पात्र किसान का रिकॉर्ड अपडेट किया जाए। उन्होंने चेताया कि एग्रीस्टैक अपडेट नहीं होने पर भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि प्रभावित हो सकती है।
बैठक में खाद एवं बीज वितरण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन समितियों में पीओएस मशीन नहीं है वहां तत्काल मशीन उपलब्ध कराई जाए तथा बिना पीओएस मशीन के खाद वितरण नहीं किया जाए।
खाद-बीज की कालाबाजारी पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार किसानों को दो या तीन गुना कीमत पर खाद बेचते पाया गया तो तत्काल खाद जप्त कर संबंधित दुकान को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
धान खरीदी उपार्जन केंद्रों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के 25 केंद्रों में धान उठाव की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान उठाव में लापरवाही के कारण समितियों में भंडारण संकट पैदा होता है और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि जहां भी लापरवाही मिलेगी वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही जिले में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेती-किसानी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में ईंधन का कृत्रिम संकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए। उन्होंने पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी करने और किसानों सहित आम नागरिकों को निर्बाध रूप से ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

