जनभागीदारी से बदलेगी जिले की तस्वीर, कलेक्टर ने स्वच्छता को बनाया मिशन

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 



घर-घर कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए सामूहिक प्रयासों का किया आह्वान


एमसीबी, मनेंद्रगढ़ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है।

कलेक्टर ने कहा कि घर-घर कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक कचरे का उचित निपटान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही आने वाले समय में जिले की पहचान बनेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फेंका गया प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझकर स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए, तो जिले की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला सलाहकार राजेश जैन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि अब गीले, सूखे, सैनिटरी एवं जोखिमपूर्ण कचरे का पृथक संग्रहण अनिवार्य होगा। खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर प्रतिबंध रहेगा तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।

जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने कहा कि स्वच्छता एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसे जनसहभागिता के माध्यम से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए रीसाइक्लिंग केंद्र स्थापित करने तथा हाट-बाजारों में ई-रिक्शा आधारित कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नवाचार आधारित प्रयासों से अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यशाला में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि संसाधनों के पुनः उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशासन, पंचायतों और आम नागरिकों की साझी भागीदारी से एमसीबी जिला स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।

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