जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
लाखों गैलन पानी नाले में बहाया जा रहा, लेकिन नगर पंचायत को नहीं दिया जा रहा पानी” — जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)। एक ओर नगर पंचायत खोंगापानी भीषण जल संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर SECL प्रबंधन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के नगर पंचायत कार्यालय का नल कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इस कार्रवाई को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षदों और विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों ने SECL प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि SECL प्रबंधन ने नल कनेक्शन काटने के पीछे तर्क दिया कि इससे मध्यप्रदेश की पानी सप्लाई प्रभावित हो रही है। जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि उसी पाइप लाइन से प्रतिदिन लाखों गैलन पानी नाले में बहा दिया जा रहा है, लेकिन आम जनता और नगर पंचायत को पानी देने में आनाकानी की जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर आज नगर पंचायत खोंगापानी की अध्यक्ष श्रीमती ललिता रामा यादव के नेतृत्व में कांग्रेस और भाजपा सहित सभी दलों के पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला और तत्काल नल कनेक्शन पुनः चालू कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पार्षद मुकेश कोल, सीता कोल, ईरशाद अहमद, कविता मधुकर, अर्चना उर्मलिया, दुर्योधन सिंह, धीरेंद्र विश्वकर्मा (पूर्व अध्यक्ष), दिलीप सेन, जितेंद्र गुप्ता, ममता सिंह, सुरेश चौधरी, शुमिला राय एवं अनिरुद्ध यादव शामिल रहे।
इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि विजय सिंह एवं अमित दास, पूर्व एल्डरमैन पिंटू भास्कर, पूर्व उपाध्यक्ष राजराम कोल तथा पूर्व पार्षद बलराम बोरसे और जगदीश मधुकर भी उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही नगर पंचायत का नल कनेक्शन बहाल नहीं किया गया तो जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी और जल संकट के समय इस प्रकार की कार्रवाई आम जनता की परेशानी बढ़ाने वाली है।

