हार मान चुके थे परिजन, मनेंद्रगढ़ के डॉक्टरों ने लौटाई मुस्कान और जिंदगी

 जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 



दो गंभीर मरीज खतरे से बाहर, एक दिन में 9 सफल सर्जरियों से गूंजा अस्पताल; स्वास्थ्य मंत्री ने की टीम की सराहना

मनेंद्रगढ़, जब लगातार उपचार के बावजूद कोई राहत न मिले और परिजन उम्मीद छोड़ने लगें, तब किसी अस्पताल की सफलता केवल इलाज नहीं, बल्कि नई जिंदगी का उपहार बन जाती है। 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ ने ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दो गंभीर मरीजों को नया जीवन दिया है। दो वर्षों से असहनीय पीड़ा झेल रही 67 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन कर उन्हें राहत दिलाई गई, वहीं अपेंडिक्स फटने की गंभीर स्थिति में पहुंचे 22 वर्षीय युवक की समय रहते सर्जरी कर उसकी जान बचा ली गई। इसी दिन अस्पताल में कुल 9 जटिल सर्जरियां सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।

तेंदूपारा निवासी 67 वर्षीय समुनदीया बैगा पिछले दो वर्षों से एनल स्टेनोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। कई स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और बीमारी लगातार बढ़ती गई। परिजन भी निराश होने लगे थे। आखिरकार उन्हें मनेंद्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा समाप्त कर दी। अब उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है और चिकित्सकों ने उन्हें 2 जून को अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी कर ली है।

समुनदीया के रिश्तेदार संतोष कुमार बैगा ने बताया कि उनके भाई लल्लू बैगा का भी इसी अस्पताल में सफल उपचार हुआ था। उसी सकारात्मक अनुभव के आधार पर वे समुनदीया को यहां लेकर आए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीज की देखभाल परिवार के सदस्य की तरह की, जिससे उन्हें न केवल बेहतर उपचार मिला बल्कि मानसिक संबल भी मिला।

कुछ घंटे की देरी भी पड़ सकती थी भारी

शनिवार को ही लालपुर निवासी 22 वर्षीय विकास को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। जांच में अपेंडिक्स परफोरेशन की पुष्टि हुई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन कर संक्रमण को फैलने से रोक दिया और युवक की जान बचा ली। डॉक्टरों के अनुसार यदि उपचार में थोड़ी भी देरी होती तो संक्रमण पूरे पेट में फैलकर जानलेवा साबित हो सकता था।

एक दिन में 9 सफल सर्जरियां, बढ़ा अस्पताल पर भरोसा

शनिवार को अस्पताल के विभिन्न विभागों में कुल 9 सफल सर्जरियां की गईं। इनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग, अस्थि रोग, सामान्य शल्य चिकित्सा तथा ईएनटी विभाग की जटिल सर्जरियां शामिल रहीं। सफल ऑपरेशन कराने वाले मरीजों में रागिनी सिंह, इंद्रजीत सेन, विकास, समुनदीया बैगा, नव्या जैन, जोगेश्वर, भूपेंद्र, अंशु कोल तथा प्रभावती शामिल हैं।

चिकित्सकों और स्टाफ के समर्पण का परिणाम

इन सर्जरियों की सफलता के पीछे सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के डॉ. राजीव गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश जायसवाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एल.पी. मराबी एवं डॉ. फिरोज शेख, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तथा ईएनटी सर्जन डॉ. अलेख सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ओटी इंचार्ज पुष्पा पटेल सहित प्रियंका साहू, मुकेश शर्मा, आकांक्षा जायसवाल और संजय द्विवेदी ने ऑपरेशन थिएटर के सुचारू संचालन में अहम योगदान दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने की खुलकर प्रशंसा

अटल आरोग्य लैब के शुभारंभ अवसर पर अस्पताल पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को जब एक ही दिन में नौ सफल सर्जरियों और गंभीर मरीजों के स्वस्थ होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने मंच से चिकित्सकों और पूरी सर्जिकल टीम की सराहना की। बाद में उन्होंने टीम से अलग से मुलाकात कर बधाई भी दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मनेंद्रगढ़ का 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर क्षेत्र के लोगों का विश्वास जीत रहा है। उन्होंने चिकित्सकों की कार्यकुशलता, सेवा भावना और समर्पण को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक बताया।

अस्पताल की इस उपलब्धि के पीछे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे, अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टाफ के समन्वित प्रयास और कुशल प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह सफलता न केवल अस्पताल की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भरोसे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संदेश भी है।

Post a Comment

Previous Post Next Post