रघु साहू जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा// कोसा, कांसा और कंचन की नगरी के रूप में देश-विदेश में अपनी विशेष पहचान रखने वाला चांपा नगर आज मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। यहां निर्मित कई सार्वजनिक सुविधाएं केवल नाम मात्र की साबित हो रही हैं। विशेष रूप से सुलभ शौचालयों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में विभिन्न स्थानों पर नए सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं और उन पर ताले लटके हुए हैं। इससे लोगों को सार्वजनिक स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नगर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
ऐसा ही एक मामला डोंगाघाट मंदिर के समीप स्थित प्रसिद्ध शनिदेव मंदिर, कसाईपारा मोहल्ले का है। यहां एक नवीन सुलभ शौचालय का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी इसे आम जनता के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शौचालय बंद होने के कारण क्षेत्रवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, शौचालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए आवाज उठाने पर कुछ प्रभावशाली लोग उन्हें हतोत्साहित करते हैं। वहीं कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के चलते इस महत्वपूर्ण जनसमस्या के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो उनका लाभ जनता तक पहुंचना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बंद पड़े शौचालय और फैली गंदगी प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करते हैं।
नगरवासियों ने मांग की है कि नगर प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दे, शौचालय को शीघ्र संचालित कराया जाए तथा क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनाक्रोश बढ़ सकता है और प्रशासन को जनता के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
रघु साहू जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा


