रघुसाहू रिपोर्टर
जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़
नगर पालिका जांजगीर नैला में आजकल विकास के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है वह बहुत ही हैरतअंगेज हैं जनता पूरी तरह हैरत में है। नगर पालिका की पीआईसी के द्वारा किये गए नए नए कारनामे सुनने को मिल रहे है ताजा उदाहरण के अनुसार टेंडर के मामले में काफी चर्चित रहे नगर पालिका जांजगीर नैला अपनी मनमानी करते हुए पहले काम पूरा कराया जाता है फिर टेंडर निकला जाता ।विपक्ष के पार्षदों द्वारा बार बार कलेक्टर को इस शिकायत पर कार्यवाही करने हेतू विज्ञापन सौपा जा चुका है।लेकिन अब जाकर कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लिया है नगर पालिका अध्यक्ष व पीआईसी के मनमाने रवैये से विपक्ष के जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं। दरअसल इस मामला की शुरुआत ढाई करोड़ रुपए के शौचालय निर्माण घोटाले से शुरू हुई ।इसके बाद पाव पसारी योजना का टेंडर मामला। अभी एक टेंडर का मामला विवादों में है जोकि भीमा तालाब की सौंदर्य करण के तहत 6 माह पहले झरना बन चुका है लेकिन उस कार्य का टेंडर अभी जारी किया गया है जिसकी लागत 6 लाख 50 हजार रुपये हैं वही पेंटिंग डेकोरेशन सम्बधी कार्यो के लिए अनुमानित लागत लगभग 15 लाख बताई जा रही हैं।जिसकी शिकायत हाल ही में कलेक्टर से की गई हैं। विपक्ष का आरोप है कि नगरपालिका के जिम्मेदार पदाधिकारी शासन के पैसों का दुरुपयोग करने में लगे हुए हैं जिससे जनता को गुमराह करते हुए गलत टेंडर निकाला जा रहा है।
वही लागत से दोगुना तिगुना पैसा निकाला जा रहा है।

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