जशपुर - स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पतराटोली एवं शासकीय हाई स्कूल पतराटोली में सामूहिक रूप से मनाया गया प्रवेश उत्सव कार्यक्रम

 


रिपोर्टर दीपक वर्मा

जिला जशपुर छत्तीसगढ़


जशपुर/दुलदुला:- छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार 2 सितंबर से कक्षा छठवीं सातवीं और कक्षा नौवीं एवं 11वीं की कक्षाएं भी विद्यालय समय के अनुसार नियमित रूप से संचालित किया जाना प्रारंभ हुआ छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने पर राज्य शासन के द्वारा यह निर्णय लिया गया विद्यार्थी 16 माह पश्चात नियमित रूप से विद्यालय आना प्रारंभ किए स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पतराटोली एवं शासकीय हाई स्कूल पतराटोली के प्राचार्य श्रीमान डेनियल लकड़ा एवं श्रीमती ई लकडा के द्वारा एक मीटिंग का आयोजन करके समस्त शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों से इस विषय पर गहन चर्चा किया गया कि जब अब सारे विद्यार्थी विद्यालय आना प्रारंभ कर रहे हैं तो क्यों ना उनमें एक नई ऊर्जा के संचार के लिए वृहद रूप में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाए सभी सदस्यों की सहमति के पश्चात दिनांक 8 सितंबर 2021 दिन बुधवार को शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम मनाने का निर्णय लिया गया प्रातः 10:00 बजे से यह कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिसमें कक्षा पहली से कक्षा बारहवीं तक के समस्त छात्र छात्राओं ने अपने संपूर्ण ऊर्जा लगाते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न सुंदर गीत अंग्रेजी माध्यम एवं हिंदी माध्यम में भाषण प्रेरक गीतों पर नृत्य एवं कविता की प्रस्तुति इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दी गई

इस प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति रुचि जागृत हुई एवं पढ़ाई के प्रति जुनून जागृत करने का प्रयास किया गया इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में साइंस ओलंपियाड के तहत हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अजमत उल्लाह कक्षा ग्यारहवीं गणित संकाय के विद्यार्थी को प्रतीक चिन्ह देकर शिक्षकों के द्वारा आशीर्वाद प्रदान कर उसके उज्जवल भविष्य की कामना की गई इस कार्यक्रम के सफल संचालन में आदरणीय प्राचार्य श्रीमान डेनियल लकड़ा, प्राचार्य श्रीमती ई लकड़ा, अशोक कुमार सिंह, जहीर अली, योगेश धीवर, धनेश्वर चंद्रा ,हरिशंकर सोनवानी, आलोक गुप्ता, यू एस लकड़ा ,चंदन सिंह, निरूपा लकड़ा ,एम जी केरकेट्टा, रेखा बखला, अनुरंजना मिंज, हेमंत कुमार दानी, नेपाल पाइक ,शिल्पा, चितरंजन सिंह, लक्ष्मी आदि शिक्षकों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।



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