रिपोर्टर दीपक वर्मा
जिला जशपुर छत्तीसगढ़
जशपुर / रनपुर- मामला प्राथमिक शाला रनपुर का है जहां आज परीक्षा होने वाला था स्कूल खुलने के पहले दिन जब बच्ची स्कूल आई और शाला के अंदर प्रवेश की उसी दौरान कुछ घंटों के बाद अचानक छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी आनन फानन में शिक्षकों ने पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया, जहां डॉक्टरों ने रिफर करने की बात कही और गाड़ी के लिए प्राइवेट वाहन मालिकों को सम्पर्क किया गया, गंभीर हालत को देखते हुए वहां मौके पर रनपुर सरपंच अशोक एक्का और उपसरपंच मनोज नायक हॉस्पिटल पहुंचे स्थिति को देखते हुए उन्होंने संवेदना का परिचय देकर बच्ची को कुनकुरी ले जाने की तैयारी की लेकिन कुछ देर बाद बच्ची को होश आया ज्ञात होक्षेत्र की परेशानी को देखते हुए यहां 6 साल पूर्व कलेक्टर प्रियंका शुक्ला द्वारा बीआरजीएफ मद से एक एम्बुलेंस प्रदान की थी लेकिन देखरेख और लापरवाही के कारण यहां की एम्बुलेंस दुर्घटना का शिकार हो गई और उसे कबाड़खाने में फेंक दिया गया । जिसकी वजह से क्षेत्र की गरीब जनताओं को आकस्मिक समय मे एम्बुलेंस नहीं मिलने से प्राइवेट वाहनों को दोगुना पैसा देकर सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में इसके लिए आसपास के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कुनकुरी के कार्य के प्रति उत्तेजित विधायक यूडी मिंज से एम्बुलेंस की मांग की है ।
सरपंच उपसरपंच ने दिखाई संवेदना
जब बच्चे की गंभीर स्थिति की जानकारी उपसरपंच मनोज नायक और सरपंच अशोक एक्का को पड़ी तो दोनों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे की समुचित इलाज कराने पर डटे रहे बच्ची को होश नहीं आने तक शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया था होश आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली वहीं मनोज नायक ने छात्रा को दवाई के लिए 500 रुपये दिए और बच्चे की इलाज का पूरा भार उठाया ।
अनाथ है बच्ची कोई नहीं सहारा
जब छात्रा हरावती की जानकारी ली गई तो पता चला कि इसके माँ बाप दोनों की मृत्यु हो चुकी है और यह अपनी बड़ी बहन और एक भाई के साथ एक छोटे से घर मे रहती है जो गिरने के कगार पर है दोनो बहन मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं । फिलहाल उसकी बड़ी बहन पढ़ाई नहीं करती है और यह रनपुर के प्राथमिक शाला में 8 वीं में अध्ययनरत है।

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