रघुसाहू रिपोर्टर जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ शासन अपने विकाश सम्बधी योजनाओं से विकाश की प्रगति की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं जिसके कारण छत्तीसगढ़ की महिलाएं काफी आत्म निर्भर हो रही हैं जिस प्रकार गोधन न्याय योजना के पूर्व यहां की महिलाएं गोबर के कण्डे बनाकर खाना बनाने के लिए उपयोग किया करते थे परन्तु इस योजना के तहत आज गोबर से कम्पोज खाद बनाकर बिक्री कर छत्तीसगढ़ की महिलाओं से शासन से सैकड़ो करोड़ रुपये की आय अर्जित कर आत्म निर्भर बन रही हैं ।छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य प्रदेशों में कम्पोज खाद की किम्मत दो से तीन सौ रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना पड़ता हैं जबकि छत्तीसगढ़ में इसकी किम्मत बहुत ही कम याने नही के बराबर है । हालांकि विपक्ष कई प्रकार से तर्क वितर्क करते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना की पूरे देश मे भूरी भूरी प्रशंसा होने के साथ साथ पूरे देश में इस योजना को लागू किए जाने की सम्भवना ब्यक्त की जा रही हैं।वही अन्य राज्यो की अपेक्षा रोजगार का अवस्तन स्तर काफी हद तक कम हो गई हैं। वही बीहड़ आदिवासी इलाकों में तेंदू पत्ता संग्रहण को सरकार द्वारा खरीद कर सैकड़ो करोड़ो रूपये के साथ बोनस के रकम से भी आदिवासी समुदाय के साथ साथ राज्य के कई क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासियों को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार ने काफी मदद की है।वैसे तो छत्तीसगढ़ शासन में बघेल सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं से प्रदेश की विकाश काफी अग्रसर है। वही सरकार के इन योजनाओं से राज्य सरकार किसानों के हीत में वरदान साबित हो रही हैं ।38 प्रकार के लघुवनोपज केंद्रसरकार से खरीदी गई।14 लघुवनोपज की राज्य सरकार समर्थन मूल्य में खरीदी। 65 लाख से ज्यादा परिवार को हुआ लाभ।अंत्योदय राशनकार्ड धरि को 5 लाख का निशुल्क इलाज ।10 हजार करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर योजना।जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई ।वनोपज का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर।तेंदूपत्ता संग्रहको को 1000 करोड़ रुपये का भुगतान।ग्रामिड कृषि अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिली राजीव गांधी ग्रामिड भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना ।राजीव गांधी किसान न्याय योजना ।पढ़ाई तुंहर द्वार योजना।खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य बीमा योजना। ऐसी तमाम योजनाओ से आज छत्तीसगढ़ राज्य प्रत्येक छेत्र में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी आगे निकल चुकी हैं।हाल ही में केंद्रीय समिति के सदस्यों द्वारा छत्तीसगढ़ की योजनाओं व क्रियान्वयन से बहुत ही खुश व प्रभावित हुए । समिति को सबसे ज्यादा खुशी उस वक्त हुई जब गौठान निरीक्षण के दौरान गोबर से कम्पोज खाद बनाने की विधि व योजना से सम्बधित पूरी जानकारी जिससे किसानों व सरकार को किस स्तर तक लाभ हो रहा है जिसकी पूरी जानकारी मिलने पर समिति के सदस्य गदगद हो गए कारण यह रहा कि इस योजना के तहत अभी तक 150 करोड़ से भी ज्यादा की गोबर बिक्री की राशि किसानों के खाते में जा चुकी हैं वही गोबर से कम्पोज खाद बनाकर महिला समितियों से सरकार ने सैकड़ो करोड़ रुपए प्राप्त कर लिए हैं वही सैकड़ो करोडो रुपए की कम्पोज खाद सरकार बेच चुकी हैं जो कि प्रति किलो दो से तीन सौ रुपये में मिलता हैं परन्तु छत्तीसगढ़ में वर्तनमान में इसकी किमत बहुत कम है।केंद्रीय समिति ऐसी योजनाओ से प्रभावित होकर के अपना रिपोर्ट सौंपी जिसे देखकर पूरे भारत में लागू करने की भूरी भूरी प्रशंसा हो रही हैं।



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