रिपोर्टर दीपक वर्मा
जिला जशपुर छत्तीसगढ़
जिला कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के विशेष निर्देशन में रविवार को विभिन्न सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में मार्गदर्शन देने एकदिवसीय ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई ।इस कॉन्फ्रेंस में जशपुर जिले के विभिन्न कालेजों के प्राचार्य ,प्रोफेसर्स ,विशेषज्ञ सहित स्कूलों कालेजों एवं पीएससी कोचिंग संस्थानों के स्टूडेंट्स शामिल हुए।
ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में शामिल स्टूडेंट्स को लाइव संबोधित करते हुए जशपुर से विशेषज्ञ एस पी यादव ने बताया कि आईएएस बनने के लिए एवं इस परीक्षा में सफल होने के लिए लगन एवं मेहनत की जरूरत होती है ,यूपीएससी द्वारा आयोजित आईएएस परीक्षा को पास करने के लिए प्रतिवर्ष लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन यह परीक्षा काफी उच्चस्तरीय होने के कारण कुछ ही उम्मीदवार सफल हो पाते हैं ,इस परीक्षा को पास करने के लिए शार्प एवं तेज दिमाग के साथ साथ सोचने समझने एवं निर्णय लेने की प्रबल क्षमता का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि 12 वीं कक्षा किसी भी विषय से पास करने के बाद स्नातक की डिग्री किसी भी संकाय से उतीर्ण होना आवश्यक है ।उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के धैर्य ,विवेक एवं व्यवहारिकता योग्यता की कड़ी परीक्षा होती है ,परीक्षा में शामिल होने के पूर्व उम्मीदवारों को चाहिए कि वे आईएसएस एग्जाम से जुड़े पैटर्न को समझें एवं पाठ्यक्रम की जानकारी होना भी बहुत जरूरी होता है, उन्होंने कहा कि किसी भी एग्जाम की तैयारी के लिए अपने बेसिक लेवल को मजबूत रखें ,अध्ययन की बनाई गई रणनीति के तहत प्रत्येक आयाम को स्थान दें, पाठ्यसामग्री का चयन ,इंटरनेट की उपयोगिता एवं साथ ही समसामयिक घटनाओं से जुड़े तथ्यों को नियमित अपडेट कर इस परीक्षा में अच्छी सफलता हासिल की जा सकती है।इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स के पूछे गए सवालों का विश्लेषण करके मनोवैज्ञानिक तरीके से जबाब दिया।
लोयोला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर फादर ओस्कार् तिर्की ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्ति के लिए बड़े लक्ष्य के साथ कठोर परिश्रम की आवश्यकता होती है ,जितना बड़ा लक्ष्य होगा हमारे शरीर में उतनी ही उर्जा एवं तरंगे पैदा होंगी ,सफलता के लिए आत्मविश्वास एवं कर्मठता जरूरी है ।उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों के संबंध में कहा कि इन परीक्षाओं में आधारभूत ज्ञान एवं विषयों का गहन अध्ययन जरूरी है ,उन्होंने कहा कि इंटरनेट, समाचार पत्रों, न्यूज़ चैनलों के माध्यम से प्रतिदिन हो रही घटनाओं को नियमित अपडेट कर एक अध्ययन सामग्री के रूप में जानकारी एकत्र की जा सकती है।लाइव कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्टूडेंट्स के पूछे गए सवालों का विश्लेषण किया ।
शासकीय महाविद्यालय तपकरा से प्रोफेसर डॉक्टर सुरेश कुमार पटेल ने स्टूडेंट्स को बताया कि परीक्षा के पूर्व एग्जाम के पैटर्न को समझने की जरूरत है एवं साथ ही परीक्षा आयोजित कराने वाले बोर्ड की जानकारी ,भर्ती का तरीका ,विज्ञापन एवं अन्य जानकारियों का ज्ञान होना जरूरी है ,उन्होंने बताया कि आईएएस की परीक्षा कई मायनों में काफी अहम होती है ,क्योंकि इस परीक्षा के माध्यम से देश के उच्च सेवा के पदों पर आसीन होने का अवसर मिलता है, उम्मीदवारों को चाहिए कि वे निर्धारित योजना के तहत पाठ्यसामग्री का गहन अध्ययन करें ,उन्होंने रेलवे, एसएससी ,बैंकिंग के क्षेत्रों में कॅरियर के विकल्पों की जानकारी साझा की एवं तैयारी हेतु महत्वपूर्ण आइडिया दिये ।
शासकीय कन्या महाविद्यालय कांकेर से प्राध्यापक डॉक्टर मनोज कुमार गोटी ने स्टूडेंट्स से कहा कि स्टूडेंट्स को चाहिए कि वे एक पूर्व योजना के तहत सिविल सेवा की परीक्षाओं की तैयारी करें ,तैयारी के दौरान खुद के उपलब्धि स्तर को जांचने के लिए मॉक टेस्ट, टेस्ट सीरीज अधिक से अधिक हल करें ,उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं में गहन अध्ययन के साथ साथ तथ्यों को समझने की आवश्यकता होती है ,यही परीक्षा में सफलता के लिए अहम भूमिका अदा करते हैं
पीएससी कोचिंग संस्थान रायपुर से विशेषज्ञ श्री संजय खलखो ने स्टूडेंट्स को सिविल सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि हर परीक्षा के संदर्भ को समझें ,वर्तमान में गुणात्मक अध्ययन के साथ व्यवहार एवं सोच में भी बदलाव की आवश्यकता है ,उन्होंने कहा कि जितना बड़ा एग्जाम होगा ,तैयारी का समय भी उतना ही अधिक होगा ,प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए एकाग्रता के साथ साथ जुनून का होना आवश्यक है ।उन्होंने एग्जाम तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण आइडिया दिए ।
उक्ताशय की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जशपुर से विशेषज्ञ एस पी यादव ने दी ।

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