नजर नही हठता है जगदम्बे की मूरत से जिला डूबी माँ की आस्था में।

 




रघुसाहू रिपोर्र्टर

जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़


जांजगीरचाम्पा- दुर्गोत्सव के लिये छत्तीसगढ़ के साथ साथ पूरे भारत मे अपना एक अलग ही  पहचान  बनाने वाले जिले का नैला नगर विख्यात हैं जोकि यहाँ की हीरे मोती सोना चांदी आदि कीमती धातुओं से सुसज्जित मूर्ति साज सज्जा  डेकोरेशन लाइट सिस्टम व पंडाल के निर्माण के लिए कलकत्ता के नामी गिरामी कला हस्तियों द्वारा महीनों तक कड़ी मेहनत से बनाया जाता हैं जिसे देखने सुबह से शाम लाखो भक्त एक झलक देखने के लिए आते जाते रहते है।  यह दुर्गोत्सव हमेशा पुलिस के निगरानी  व भारी सुरक्षा के बीच सी सी कैमरे की निगरानी में रहती हैं क्योंकि यहां की मूर्ति की लागत करोडो में आती हैं। परन्तु दो सालों के कोरोना ने इस उत्सव को समेट कर नाम मात्र कर दिया है अन्यथा यहाँ की प्रतिमा देंखने में ऐसा प्रतीत होता हैं जैसे  मा की मूर्ति अब कुछ कहने वाली हैं ।विशाल भव्य आकर्षक मनमोहक व मन को भाव विभोर कर देने वाली यह उत्सव जिले व छत्तीसगढ़ की संस्कृति की महानता का प्रतीक है।

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