आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर संवाद प्रतिनिधि रा.मतदाता जागृति मंच छत्तीसगढ़ अम्बिकापुर।
अम्बिकापुर 24 अक्टूबर 2021/ परियोजना प्रशासक कार्यालय द्वारा लुण्ड्रा जनपद के विशेष संरक्षित आदिवासी वर्ग पहाड़ी कोरवा युवाओं को सफलता पूर्वक मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण दिलाया गया कहने वाले 100%
झूठ बोलकर अपनी कुकृत्यों से बचना चाहते हैं ऐसा थाना धौरपुर में बयान देने उपरांत थाने के कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय रहा।
लुण्ड्रा जनपद के सी ई ओ संजय दुबे ने जैसा मीडिया को बताया लुण्ड्रा जनपद के विभिन्न ग्रामों के 28 पहाड़ी कोरवा युवाओं को वर्ष 2020 में गैर सरकारी संस्था ग्रामीण साक्षरता संस्थान के द्वारा मोटर ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं में किसी प्रकार का असंतोष नहीं है। उन्होंने बताया कि मोटर ड्राइविंग के सफल संचालन के संबंध में पहाड़ी कोरवा युवाआें एवं संस्था द्वारा शपथ पत्र भी दिया गया है। मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण के संबंध में भ्रामक जानकारी के आधार पर कदाचरण की कोशिश करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध ग्रामीण साक्षरता संस्थान के अध्यक्ष *दीपक बारीक* द्वारा धौरपुर थाना में एफ आई आर भी दर्ज कराई गई है?
आश्चर्य हुआ समाचारों को पढ़कर!
(लिखते समय मुझे गांधीनगर थाने में F I R होने की जानकारी मिली है!)
रातों रात प्रलोभन! संभव है कि भय दोहन कर, दीन हीन निर्धन असहायों से साक्ष्य बतौर सारे दस्तावेज तैयार कर लिए गए हों तभी दावे के साथ समाचार पत्रों के माध्यम से शर्म का सिर बेशर्मी से उठते दिख रहा है!
पुलिस थाने के विवेचना अधिकारी अपने पेपर वर्क से अधिकारियों को जो रोपोर्ट करते हैं टीम वर्क के चश्में से प्रकरण को समझने की सम्बंधित अधिकारियों की विवशता समझ में आती है। पर ऐसा नहीं कि रिपोर्ट में कमियाँ नही रहती? प्रार्थी की प्रार्थना अन सुनी कर दी जाती है अपवाद स्वरूप प्रार्थियों की सुनी भी जाती है।
विवेचना अधिकारी का लोभ संवरण, सामने वाले कि स्थिति व बाह्य परिस्थितियों से भी प्रभावित होना स्वाभाविक श्रम-कर्म है।
उच्चाधिकारियों पर पद की गरिमा की रक्षा करना उनका दायित्व बनता है।
हमें जिला पुलिस अधीक्षक, पुलिस महा निरीक्षक के सत्यमेवता पर पूर्ण विश्वास है।

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