शासन प्रशासन अगर ध्यान दे तो नगरदा वाटर फाल व तुर्री धाम प्रशिद्ध पर्यटन व धार्मिक स्थल बन सकता हैं

 





रिपोर्टर रघुसाहू जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़ 


जांजगीर चाम्पा मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अद्वितीय मनमोहक के प्रतीक नगरदा से पूर्व तुर्री धाम भगवान शिव की प्रशिद्ध शिव मंदिर है जहा प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती हैं।यहां की शिव प्रतिमा एक छोटी सी मंदिर में स्थित हैं  परन्तु सोचने वाली बात यह है की यह शिव लिंग है तो सामान्य लेकिन बारहों महीने इस शिव लिंग पर पानी की धार शिव जी को नहलाते हुए चौबीसो घण्टे बारो महीने अपने जल से नहलाकर गुजरते हैं हमारे अथक प्रयास के बावजूद भी ये पता नहीं चला कि यह पानी की धार कहा से कैसे आ रही हैं ।वही मगर्द से लगभग एक किलोमीटर के सफर के मनोरम दृश्य देखने के बाद नगरदा का बहुत ही मनोरम वाटर फ़ाल व प्राचीन मंदिर की छवि देखते ही बनती हैं। सैकड़ो फिट की ऊपर से बहते पानी की जल नीचे की ओर गिरती है तो पर्यटकों का इस मनमोहक दृश्य को देखकर सारे दुख दूर हो जाते है और पर्यटकों का मन गदगद हो जाता हैं।वही चारो और  पहाड़ियों से घिरा व घने प्राकृतिक लहराते वृक्ष मानो ऐसा प्रतीत होता हैं जैसे काश्मीर की वादियों में लोग खो गए हो । परन्तु इस प्राकृतिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों को नजर अंदाज करना छत्तीसगढ़ की सौंदर्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।यदि समय रहते इस धरोहर को शासन प्रशासन द्वारा नजर अंदाज किया जाता हैं  तो धीरे धीरे ना जाने कितने धरोहर छत्तीसगढ़ के खंडहर में तब्दील हो सकता है जो हमारे लिए बहुत ही दुर्भाग्य की बात होगी।

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