रिपोर्टर - दीपक वर्मा
जिला - जशपुर छत्तीसगढ
जशपुर/बगीचा - ज्ञापन में भारतीय संस्कृति के मूल आधार भारतीय गौ माता की समस्त वेद पुराणों शास्त्रों में अनंत महिमा बखान की गई है अर्थ वेद में गौ माता को गायों विश्वस्य मात्रा जय विश्व की माता है कहा गया है, भारतीय गोवंश भारत की आर्थिक सामाजिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है।
आधुनिक काल में गाय का गोबर विशिष्ट इंधन, डीजल, पेट्रोल के विकास बायोगैस जैविक खाद जैसे तमाम तरह की उपयोगी वस्तुएं वैदिक पेंट प्लास्टर की तैयारी, गोमूत्र का उपयोग, जीवन रक्षक के तौर पर गोअर्क के रूप में करोड़ों लोग सेवन करने के अलावा और भी तमाम तरह के उपयोग में आता है, दूध, दही, घी आदि वैज्ञानिक आधार पर ए 2 श्रेणी सबसे उत्तम दर्जे का माना जाता है पौराणिक एवं वेद शास्त्र अनुसार भारतीय गौ माता को 33 कोटि देवी देवताओं का वास माना गया है, इसलिए गौ माता संपूर्ण सनातन के आस्था का प्रतीक माना गया है।
इस प्रकार भारतीय समाज में गाय का महत्वपूर्ण एवं अहम स्थान है, भारतीय गायों को राष्ट्रमाता घोषित करने के पर्याप्त एवं आधार है तथा देश के करोड़ों लोगों की जन भावनाएं जुड़ी है, 19 सितंबर 2018 को उत्तराखंड विधानसभा द्वारा एवं 13 सितंबर 2018 हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित व संरक्षण संवर्धन हेतु संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अतः करोड़ों भारतीयों की भावनाओं एवं गौ माता की भारतीय समाज में उपयोगिता देते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी व केंद्र सरकार से निवेदन है कि शीघ्र अतिशीघ्र भारतीय गौ माता को लोकसभा के अंदर प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रमाता घोषित किया जाए।
राष्ट्रीय बजरंग दल एवं राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के द्वारा आज गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने हेतु प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया, जिसमें राष्ट्रीय बजरंग दल अध्यक्ष नितिन कुमार गर्ग, गौ रक्षा संगठन के जिला महासचिव कोशिंदर ग्वाला एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के नीरज जायसवाल, अनुज गुप्ता, राजा जैन, बालेश्वर यादव, सुदामा यादव वेद राज यादव धनंजय शर्मा, अंकुश गुप्ता, कुलदीप यादव समेत भारी संख्या में सदस्यगण ग्रामवासी उपस्थित रहे।


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