जिले में किसानों पर बरपा मौसम का कहर, आधी रात से बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता,अभी भी लगातर बे मौसम आफत की बारिश जारी





रिपोर्टर - दीपक वर्मा

जिला - जशपुर छत्तीसगढ़


जशपुरनगर :- चौमुखी हरियाली के बीच बसे नागलोक केअन्नदाताओं के ऊपर एक के बाद एक आफत आती जा रही है। पहले कोविड के कारण फसल बाहर नहीं जा पाने से खराब हो रही थी तो वहीं फसलों की बुवाई की लागत में हुई बढ़ोतरी ने किसानों की और कमर तोड़ दी। अब किसानों पर कुदरत ने अपना कहर बरपाया है। शुक्रवार मध्यरात्रि हुए तेज बारिश एवं तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बे मौसम बरसात ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। बारिश से तैयार हो चुकी धान की फसल एवं किसानों के खनिहाल में रखे धान के गांज को भारी नुकसान हुआ है । जिसको लेकर किसान चिंतित हैं । पूरे जिले में शुक्रवार दिन भर बादल छाए रहे तो वही बीती रात को अचानक मौसम में बदलाव हुआ। और बढ़ते तापमान के बीच ठंडक घुल गई। शुक्रवार को दिनभर आसमान पर बादलों का डेरा रहा तो ठंडी हवाएं भी चली। रात में हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी और फसलों में नुकसान किया। अचानक बदले मौसम के साथ बारिश की बूंदों ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया और रात में करीब लगातार 3 घण्टे तक हुई बारिश ने किसानों की फसलों पर आफत बनकर बरसी। जशपुर जिले के नागलोक सहित सभी क्षेत्रों में हो रहे बारिश के बीच जिले मेंं मौसम बदला तो किसान ओलावृष्टि की संभावनाओं के कारण अधिक चिंता में नजर आया। शुक्रवार को सुबह के समय ठंडक भरा माहौल रहा। वर्तमान में खेतों में तैयार हो के लगभग 65 प्रतिशत फसल पड़े हुए हैं, ऐसे में किसान फसल लेने के लिए अपनी तैयारियों में लगा है बारिश के साथ तेज हवाओं ने धान के अन्य फसलों को नुकसान होने की सम्भावना है । 35 प्रतिशत धान खलिहान में तो 65 प्रतिशत खेतों में धान की फसल पड़े हुए हैं। जिस किसान का फसल कटाई हो गया है ओ मिसाई के लिए चिंतित हैं । जिनका फसल कटा नही ओ कटाई के लिए परेशान नजर आ रहे हैं इस आफत की बारिश से इस साल के फसल बर्बाद होने की पूरी आशंका है । खलिहान पर पड़े धान पर अचानक पानी पड़ने पर पूरा का पूरा गांज बर्बाद हो गया। 



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