रिपोर्टर दीपक वर्मा
जिला जशपुर छत्तीसगढ़
जशपुर -जशपुर जिले में इन दिनों शासन प्रशासन की नियमों को ताक में रखकर लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है, चाहे वह स्वास्थ्य विभाग का मामला हो अथवा पंचायत या बिजली विभाग की इन्हीं खबरों के बीच जशपुर जिले के पशुधन विकास विभाग में भी इन दिनों भ्रष्टाचारी कर जिले के 3 पशु डॉक्टर सहित 50 कर्मचारियों की अटैचमेंट में नौकरी कराया जा रहा है जिसकी शिकायत जशपुर पशुधन विकास विभाग के परिचारक कर्मचारी में कलेक्टर जशपुर से की है ।
मिली जानकारी के अनुसार परिचारक अजय यादव ने कलेक्टर जशपुर को संलग्नीकरण व अटैचमेंट समाप्त कर भ्रष्टाचारी रोकने हेतु आवेदन देते हुए बताया है कि जशपुर जशपुर जिले के पशुधन विकास विभाग के द्वारा मनमानी कार्य एवं भ्रष्टाचारी कर व भ्रष्टाचारी को बढ़ावा देने हेतु कर्मचारियों को मनचाहा जगह में भेजकर संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं का पत्र क्रमांक 6480 को उप संचालक जशपुर गोपाल शरण सिंह तवंर के द्वारा दबा दिया गया है जिसकी छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए से संचालनालय का आदेश का अवहेलना माना जाता है जिससे यह प्रतीत होता है कि कार्यालय पशुधन विकास विभाग में भ्रष्टाचारी मंडराने लगा है । वहीं अजय यादव ने कलेक्टर जशपुर से संलग्नीकरण व अटेचमेंट समाप्त कर भ्रष्टाचारी रोकने का आग्रह किया है । जशपुर के उप संचालक श्री तवंर पर सीधे तौर पर यह आरोप लगा है कि पैसों की लेनदेन भ्रष्टाचारी कर कर्मचारियों को मूल पदस्थापना को छोड़कर मनमाने ढंग से नियमों को अनदेखा कर इधर से उधर भेज दिया गया है इन 3 डॉक्टर सहित 50 कर्मचारियों का कार्य कहीं और व वेतन कहीं और से मिल रहा है।
जबरन कार्य कराने सहित धमकी का आरोप
छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग लघु वेतन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कल्याण संघ जिला अध्यक्ष ने कलेक्टर जशपुर सहित उप संचालक पशु चिकित्सा जसपुर को डॉ विकास खूंटियां (जिसका मूल पदस्थापना जशपुर है उसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए कुनकुरी भेजा गया है) पशु चिकित्सा सहायक प्रभारी पशु चिकित्सालय कुनकुरी के द्वारा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दबा पूर्वक कार्य कराया जा रहा है इनके द्वारा दिनांक 23 11: 2021 को सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पशु औषधालय बंदर चुवां के अनुपस्थित होने पर चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को उपस्थिति पंजी में जबरन प्रश्नचिन्ह अनुपस्थित लिखने को कहा गया तथा मना करने पर संबंधित के साथ मिले हुए होने की बात कह कर विरुद्ध कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई है ज्ञात हो कि चतुर्थ वर्ग कर्मचारी विभाग के विभिन्न कार्य जैसे टैगिंग टीकाकरण उपचार ऑनलाइन कार्य पशु संगणना आदि कार्यों में अपने उच्चाधिकारियों को बराबर सहयोग कर रहे हैं परंतु बार-बार चतुर्थ वर्ग कर्मचारी ही उच्च अधिकारियों द्वारा घोषित किए जा रहे हैं । जिसको लेकर जिलाध्यक्ष ने विकास खूंटियां के विरुद्ध जांच कर वैधानिक कार्यवाही हेतु जशपुर उपसंचालक को ज्ञापन दिया गया है ।
जशपुर जिले में निम्न अधिकारी कर्मचारी हैं अटेचमेंट में
1- तुलाराम सिदार को 10 साल से लेखा शाखा उपसंचालक कार्यालय में अटैच कर बाबू बनाया गया है एवं भ्रष्टाचार किया जा रहा है जो कि वर्तमान में पशु चिकित्सालय तमता में पदस्थ है,
2 - विनोद कुमार बारिक जिसको उपसंचालक के द्वारा 2012 से उपसंचालक कार्यालय में योजना शाखा बाबू बनाकर पदस्थ किया गया है जो कि विनोद कुमार बारिक का मूल पदस्थापना पोल्ट्री फार्म कुनकुरी में है ।
3 - सविता कुमारी प्रजापति चतुर्थ वर्ग कर्मचारी है, जिनकी मूल पदस्थापना उपसंचालक कार्यालय में है जिनको भ्रष्टाचारी में बढ़ावा देने के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर में पदस्थ किया गया है
4 - एक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को जिनका मूल पदस्थापना कांसाबेल है उनको भ्रष्टाचार फैलाने के लिए स्थापना में पदस्थ कर दिया गया है जो कि लगभग 20 वर्षों से पदस्थ है।
वहीं रामेश्वर सिंह ठाकुर जो कि पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी है उन्हें वर्तमान में कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जशपुर में कार्यरत है जिनका मूल पदस्थापना पशु चिकित्सालय कांसाबेल में है , रामेश्वर भगत वर्तमान पदस्थापना कृत्रिम गर्भाधान केंद्र घोलेंग है जिनका मूल पदस्थापना कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र लोदाम विकासखंड जशपुर है, करन साय सिदार वर्तमान में मुख्य ग्राम खंड इकाई कापु विकासखंड धरमजयगढ़ में भेजा गया है जिनका मूल पदस्थापना पशु चिकित्सालय कोतबा विकासखंड पत्थलगांव में है, उमेश चंद्र यादव वर्तमान में पशु औषधालय कोल्हेंझरिया विकासखंड फरसाबहार में है जिनका मूल पदस्थापना चलित चिकित्सा इकाई जशपुर में है, महेंद्र कुमार सिदार पशु औषधालय शरब कोंबो में वर्तमान में पदस्थ हैं जिनका मूल पदस्थापना कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र पतराटोली विकासखंड दुलदुला में है, इसी प्रकार रामजी यादव, प्रदीप कुमार मांझी, सविता कुमारी प्रजापति, डीगम सिंह ठाकुर, तुलाराम सिदार, फूलचंद राम, जतरु राम, शंकर लाल, राम रतन ,धनेश्वर राम विनोद कुमार शर्मा, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, बसंत राम चौहान, अर्चना देवी, विनोद कुमार शर्मा, लाल मोहन बढ़ाईक वीणा सतपति , सुरेंद्र कुमार निकुंज तेजू राम, जितेंद्र हंसरा, जार्ज सुशांत एक्का, सुशीला सिदार, खीर सागर सिदार, फुलमईत बाई, महेश्वर राम यादव, आनंद कुमार केरकेट्टा, अजय राम यादव, रणविजय राम, राम चंद्र दास, महेश राम, विद्याधर यादव, अरुण कुमार लहरे, कलेश कुमार यादव, सुगंती बाई, अलविंदर राम, अभय कुमार मिश्रा, शिवचरण राम, अदल साय, रंजीत राम, सोनसाय राम,फूल साय खलखो, खेमकरण शांडिल्य को जशपुर जिला पशु चिकित्सालय के उपसंचालक श्री तंवर के द्वारा इतने कर्मचारियों को अटैचमेंट में इधर से उधर मनचाहे जगह भेजकर कार्य कराया जा रहा है। ज्ञात हो कि पशु चिकित्सालय जशपुर उपसंचालक के द्वारा किसी भी कर्मचारी को अपने मूल पदस्थापना में कार्य करने नहीं दिया जा रहा है जैसे शंकर लाल जिसका मूल पद स्थापना मनोरा है जिसे अटैच कर जरिया भेजा गया है एवं जरिया वाले विद्याधर यादव को दुर्गापारा। बगीचा एवं दुर्गापारा के विनोद शर्मा को पशु चिकित्सालय बगीचा में अटैच कर रखा गया है इसका मतलब स्पष्ट रूप से समझ सकते विभाग में किस उद्देश्य से आखिर कर्मचारियों को इधर से उधर भेजा जा रहा है ? जिसको लेकर संगठन के सभी कर्मचारी अजय यादव जिला चिकित्सालय जशपुर, प्रदीप यादव गाला पत्थल गांव, खिरोधर यादव सरधा पाठ, राहुल भगत सन्ना, राजीव यादव कुनकुरी ने कलेक्टर जशपुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु आवेदन दिया है अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्यवाही की जाती है।
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