मैदान के सूरमाओं को राज्योत्सव पर मिलेगा मान: भंजदेव व गुण्डाधुर सम्मान के लिए खेल विभाग ने मांगे आवेदन


राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा व राज्य का परचम लहराने वाले खिलाड़ियों को 1-1 लाख का नकद पुरस्कार, 30 सितंबर तक ऑनलाइन एंट्री

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल

 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)

खेल के मैदान में पसीना बहाकर राज्य और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की प्रतिभा को छत्तीसगढ़ शासन राज्योत्सव के भव्य मंच पर सम्मानित करने जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रतिष्ठित ‘महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान’ और ‘गुण्डाधुर सम्मान’ (सत्र 2026-27) के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों श्रेणियों के तहत चयनित उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 1 लाख रुपये की नकद राशि, स्मृति फलक और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर नवाजा जाएगा। इच्छुक व पात्र खिलाड़ी 30 सितंबर तक विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

किसे मिलेगा कौन-सा सम्मान: जानिए नियम और प्राथमिकता

1. महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान (मुख्य रूप से तीरंदाजी)

  प्रमुख अर्हता: वर्ष 2025-26 के दौरान सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप अथवा राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले या अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी।

 विकल्प: यदि तय मापदंड के सीनियर तीरंदाज नहीं मिलते हैं, तो पिछले तीन वर्षों के राष्ट्रीय शालेय या अंतर-विश्वविद्यालयीन पदक विजेताओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा खेल अलंकरण के लिए मान्य अन्य खेलों के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को भी नियमों के दायरे में अवसर मिल सकेगा।

 यह सम्मान व्यक्तिगत रूप से केवल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी को दिया जाएगा।

2. गुण्डाधुर सम्मान (खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)

  प्रमुख अर्हता: वर्ष 2025-26 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता (स्वर्ण/रजत/कांस्य) अथवा अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी।

 टीम को भी मौका: गुण्डाधुर सम्मान किसी एकल खिलाड़ी अथवा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दल (पूरी टीम) को भी प्रदान किया जा सकता है।

पात्रता की अहम शर्तें

 स्थानीयता एवं अध्ययन: खिलाड़ी का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उपलब्धि वर्ष में राज्य की मान्यता प्राप्त संस्था में नियमित अध्ययनरत छात्र अथवा राज्य के शासकीय/अर्धशासकीय/सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के कर्मचारी भी पात्र होंगे (शासकीय कर्मियों को विभाग से NOC संलग्न करना होगा)।

  जिंदगी में सिर्फ एक बार: दोनों में से कोई भी सम्मान किसी खिलाड़ी को जीवनकाल में केवल एक बार ही मिल सकता है।

  एक-दूसरे के लिए अपात्र: गुण्डाधुर सम्मान से पूर्व में सम्मानित खिलाड़ी भंजदेव सम्मान के लिए आवेदन नहीं कर सकते, और भंजदेव सम्मान प्राप्त खिलाड़ी गुण्डाधुर सम्मान के पात्र नहीं होंगे।

 अनुशासनात्मक कार्रवाई: उपलब्धि या पुरस्कार वर्ष में किसी मान्यता प्राप्त खेल संघ द्वारा निलंबित या निष्कासित खिलाड़ी/दल अपात्र माने जाएंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि व प्रक्रिया

  अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026

  पोर्टल: आवेदन केवल खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sportsyw.cg.gov.in पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।

  निर्देश: किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन अथवा अधूरा फॉर्म मान्य नहीं होगा। विस्तृत नियम व प्रारूप विभागीय पोर्टल तथा जिला खेल कार्यालयों से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post