वनांचल के मॉडल स्कूल ‘सकड़ा’ पहुंचे योग साधक: नवाचार व शैक्षणिक गुणवत्ता देख हुए मुग्ध, शिक्षकों को किया सम्मानित



‘नीली छतरी वाले गुरुजी’ रुद्र राणा की पहल को सराहा; 

शिक्षाविद सतीश उपाध्याय ने की हर साल एक उत्कृष्ट शिक्षक को पुरस्कृत करने की घोषणा

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 

खड़गवां/मनेंद्रगढ़

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के वनांचल में स्थित प्राथमिक शाला सकड़ा आज सिर्फ एक सरकारी स्कूल नहीं, बल्कि पूरे देश में शैक्षणिक नवाचार का आदर्श केंद्र बन चुका है। देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री से वाहवाही बटोर चुके इस विद्यालय की कार्यप्रणाली और बच्चों की प्रतिभा का प्रत्यक्ष अनुभव लेने अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ व पतंजलि योग समिति का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में सकड़ा पहुंचा। विद्यालय परिसर में बच्चों के ज्ञान, अद्भुत अनुशासन और जीवन कौशल से अभिभूत होकर योग समिति के सदस्यों ने विद्यालय के शिक्षकों व शिक्षा सहयोगियों का नागरिक अभिनंदन किया।

130 नौनिहालों के कौशल और अनुशासन ने जीता दिल

वरिष्ठ शिक्षाविद सतीश उपाध्याय के नेतृत्व में पहुंचे दल ने विद्यालय में दर्ज 130 विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। योग साधकों ने बच्चों के शैक्षणिक स्तर, भाषा-गणित की समझ, दैनिक अनुशासन और खेल-योग से जुड़ी गतिविधियों का बारीकी से मुआयना किया। वनांचल के बच्चों का आत्मविश्वास और सीखने की ललक देखकर हर कोई दंग रह गया। अतिथियों ने कहा कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद यह स्कूल निजी कॉन्वेंट स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहा है।

शिक्षकों के सेवा भाव की मिसाल: अपने खर्च पर जोड़े ‘शिक्षा सारथी’

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निर्माण समिति के पूर्व सदस्य एवं पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सतीश उपाध्याय ने संबोधन में कहा कि सकड़ा स्कूल पूरे प्रदेश का गौरव है। कोरोना महामारी के दौर में जब सब कुछ बंद था, तब 'नीली छतरी वाले गुरुजी' के नाम से चर्चित शिक्षक रुद्र प्रताप राणा ने मोहल्ला क्लास की जो अलख जगाई, वह आज राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन चुकी है।

उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि शिक्षकों ने अपने व्यक्तिगत व्यय से उषा व प्रियंका को ‘शिक्षा सारथी’ के रूप में जोड़ रखा है और बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए ई-रिक्शा चालक भगवत सिंह की सेवा ले रहे हैं। शिक्षकों का यह समर्पण अनुकरणीय है।

> बड़ी घोषणा: शिक्षक रुद्र राणा के सतत सेवा और नवाचारों से प्रेरित होकर शिक्षाविद सतीश उपाध्याय ने घोषणा की कि वे अपनी ओर से प्रतिवर्ष अंचल के एक उत्कृष्ट शिक्षक को विशेष रूप से सम्मानित करेंगे।

स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार से बढ़ाया शिक्षकों का मान

समारोह के दौरान समाजसेवी घनश्याम पोद्दार ने शिक्षक रुद्र प्रताप राणा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, निःस्वार्थ भाव से सेवा दे रहीं शिक्षा सारथी शिक्षिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रधान पाठक धनेंद्र पांडे और शिक्षक दिलीप मार्को ने अतिथियों को विद्यालय में नियमित रूप से संचालित होने वाले योग, प्राणायाम व शारीरिक दक्षता कार्यक्रमों की रूपरेखा से अवगत कराया।

इस गरिमामयी अवसर पर अखिल भारतीय योग महासंघ की जिलाध्यक्ष नीलू सिंह, सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्राचार्य एमएल श्रीवास्तव, विजय मंगलम बालिका छात्रावास की अध्यक्षा रूपा पोद्दार, रेखा उपाध्याय, अर्चना सेजपाल सहित विद्यालय परिवार और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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