वोट के अधिकार पर वार बर्दाश्त नहीं': मनेंद्रगढ़ में गरजी कांग्रेस, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंक कलेक्ट्रेट घेरा

 



'वोट चोरी' और SIR की आड़ में खिलवाड़ का आरोप; जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव बोले— 'जनता के विश्वास के बिना खोखला है लोकतंत्र'

• जिला महामंत्री पूनम सिंह ने भरी हुंकार— 'मातृशक्ति और वंचित वर्ग के मताधिकार पर नहीं पड़ने देंगे आंच'

 विधानसभा प्रत्याशी रमेश सिंह संग जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता, निष्पक्ष चुनावी प्रणाली के लिए सड़क पर आर-पार की जंग

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 

मनेंद्रगढ़ (विशेष संवाददाता)।

लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और कथित 'वोट चोरी' व एसआईआर (SIR) से उपजे गंभीर संशयों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) ने कलेक्ट्रेट के सामने विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जुटे कांग्रेसजनों ने कलेक्ट्रेट के पूर्व निर्धारित धरना स्थल पर व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इसके तुरंत बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव प्रणाली बहाल रखने की मांग उठाई।

धरना स्थल पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। नेताओं ने दो-टूक कहा कि मतदाता सूची में विसंगतियों और SIR से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष एवं मतदाताओं के मन में उठ रहे सवालों का जब तक पारदर्शी और सार्वजनिक समाधान नहीं होता, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर संवैधानिक मंचों तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव का प्रहार: 'आयोग की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा ही लोकतंत्र की असली ताकत'

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा:

> "लोकतंत्र की समूची व्यवस्था चुनावी प्रक्रिया पर जनता के उस अटूट विश्वास पर टिकी है कि उसका दिया हुआ हर वोट सुरक्षित और सही जगह दर्ज हो रहा है। यदि मतदाता सूची में विसंगतियां पैदा कर या SIR जैसी प्रक्रियाओं की आड़ में जनता के मन में 'वोट चोरी' का रत्ती भर भी संदेह उत्पन्न होता है, तो यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की नींव पर हमला है। निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त और संवैधानिक संस्था है, जिसे किसी भी दबाव से मुक्त होकर पारदर्शी तरीके से जनता के सवालों का संतोषजनक समाधान पेश करना चाहिए। कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए संकल्पित है और इस जनविरोधी रवैये के खिलाफ हमारी यह जंग अनवरत जारी रहेगी।"

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पूनम सिंह का कड़ा संदेश: 'आधी आबादी के संवैधानिक हक पर डाका किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं'

जिला महामंत्री पूनम सिंह ने विशेष रूप से महिलाओं और अंतिम पंक्ति के मतदाताओं के अधिकारों को रेखांकित करते हुए कहा:

> "मतदान केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक आत्मसम्मान है। आज जिस तरह मतदाता सूचियों और SIR को लेकर संशय का माहौल है, उसमें हमारी माताएं, बहनें और सुदूर अंचलों के कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका में हैं। कांग्रेस पार्टी किसी भी सूरत में मातृशक्ति या किसी भी पात्र मतदाता के नाम को सूची से कटने या प्रभावित होने नहीं देगी। प्रत्येक महिला और आम नागरिक को बिना किसी बाधा के मतदान का अधिकार मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। आधी आबादी के संवैधानिक अधिकारों पर यदि कोई डाका डालने की कोशिश करेगा, तो कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता और समूचा संगठन सड़क पर उतरकर उसका डटकर मुकाबला करेगा।"

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नेताओं ने की चुनावी व्यवस्था में पूर्ण जवाबदेही की मांग

 * रमेश सिंह (विधानसभा प्रत्याशी, मनेंद्रगढ़):

   > "लोकतंत्र की असली संप्रभुता आम मतदाता के हाथों में है। यदि मतदाता ही अपने अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो आयोग को आगे आकर स्पष्टीकरण देना होगा। निर्वाचन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय होना नितांत आवश्यक है।"

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 * रफीक मेमन (जिला महामंत्री):

   > "लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार निर्वाचन आयोग की साख और निष्पक्षता है। जनता के मन में उठ रहे हर सवाल का स्पष्ट और सार्वजनिक उत्तर देना निर्वाचन व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"

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 * सौरव मिश्रा (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस मनेंद्रगढ़ शहर):

   > "आज का यह विशाल प्रदर्शन मतदाता अधिकारों की रक्षा के प्रति कांग्रेस की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मतदाताओं के अधिकारों के साथ कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।"

 * युधिष्ठिर कमरों (अध्यक्ष, खड़गवां) एवं रामनरेश पटेल (अध्यक्ष, मनेंद्रगढ़ ग्रामीण):

   > नेताओं ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में मतदाता सूची और SIR को लेकर पूरी पारदर्शिता रखी जाए, ताकि जागरूकता के अभाव में कोई भी ग्रामीण नागरिक अपने वोट के अधिकार से वंचित न रह जाए।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया और प्रशासन के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप लेगा।

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