संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद प्रहार बंद करे विपक्ष, तथ्यहीन आरोपों की खुली पोल: भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी


चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष का झूठ बेनकाब, आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से — भाजपा जिलाध्यक्ष

  मतदाता अधिकारों पर भ्रम फैलाना निंदनीय; रैन बसेरों व वंचितों तक मताधिकार पहुंचाने में जुटा आयोग

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 

मनेन्द्रगढ़:

लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर सवाल उठाने वाली विपक्षी सियासत पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी ने करारा प्रहार किया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पष्ट संयुक्त बयान का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग के रुख ने विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों, भ्रांतियों और दुष्प्रचार के तिलिस्म को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने विपक्ष को आईना दिखाते हुए दो टूक कहा कि केवल राजनीतिक दुर्भावना के चलते देश की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने के बजाय विपक्ष को अब जमीनी हकीकत और प्रामाणिक तथ्यों को स्वीकार करना चाहिए।

आयोग में मतभेद की मनगढ़ंत कहानी धराशायी: श्रीमती चंपा देवी

भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के तमाम प्रमुख एवं दूरगामी निर्णय सर्वसम्मति की मजबूत बुनियाद पर लिए जाते हैं। उन्होंने 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों और एसआईआर (SIR) संबंधी समय-सारणी का विशेष उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि आयोग के तीनों सदस्यों की पूर्ण सहमति से ही प्रत्येक नीतिगत कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अंदरूनी खींचतान और मतभेद की जो काल्पनिक पटकथा लिख रहा था, आयोग के आधिकारिक संयुक्त बयान के बाद उस सफेद झूठ की हवा निकल चुकी है।

प्रशासनिक पत्राचार को नीतिगत मुद्दा बनाना विपक्ष की हताशा का प्रमाण

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर श्रीमती चंपा देवी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि विपक्ष तिल का ताड़ बनाने की ओछी राजनीति कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस पत्राचार का एसआईआर या आयोग की नीतिगत कार्यप्रणाली से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। यह प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज से जुड़ा पूर्णतः आंतरिक विषय था।

एक अंग्रेजी दैनिक की अपुष्ट रिपोर्ट का हवाला देकर खड़े किए जा रहे बवंडर पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा:

> "तथ्यहीन, मनगढ़ंत और अपुष्ट रिपोर्टों के सहारे देश के सबसे बड़े चुनावी पहरुए की निष्पक्षता पर लांछन लगाना अलोकतांत्रिक आचरण की पराकाष्ठा है। खुद चुनाव आयोग ने ऐसी भ्रामक खबरों को पूरी तरह काल्पनिक और तथ्यहीन करार दिया है।"

> 

फॉर्म-6 पर भ्रांतियां दूर, अंतिम पंक्ति के नागरिक तक मताधिकार पहुंचाना प्राथमिकता

फॉर्म-6 को लेकर जनता में पैदा किए जा रहे संशय पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि गैर-एसआईआर अवधि और एसआईआर संबंधी घोषणा-पत्र के नियमों पर चुनाव आयोग ने बिल्कुल स्पष्ट खाका सामने रख दिया है। अब किसी प्रकार के संदेह की गुंजाइश नहीं बची है।

उन्होंने आयोग के जनहितैषी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:

 * अंतिम व्यक्ति तक पहुंच: हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए बूथ स्तर पर सघन अभियान चल रहा है।

 * वंचितों को प्राथमिकता: बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म एकत्रित कर रहे हैं, वहीं रैन बसेरों, असंगठित मजदूरों और बेघर नागरिकों के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।

श्रीमती चंपा देवी ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए लोकतंत्र के स्तंभों को कमजोर करना बंद करें और तथ्यों पर आधारित स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा का निर्वहन करें। आयोग के स्पष्टीकरण के बाद अब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है।

Post a Comment

Previous Post Next Post