प्रशासन के सकारात्मक आश्वासन पर खोंगापानी में भाजपा का चार दिवसीय सत्याग्रह स्थगित


पारदर्शिता और विकास की मांगों के समाधान के लिए पहुंचे एसडीएम-तहसीलदार, दिया विधिवत कार्रवाई का भरोसा

 भाजपा जिलाध्यक्ष चंपा देवी पावले ने अनशनरत मातृशक्ति को जूस पिलाकर आंदोलन को दिया विराम

जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल 

खोंगापानी / एमसीबी:

नगर पंचायत खोंगापानी के सर्वांगीण विकास, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा विभिन्न निर्माण कार्यों में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 25 सितंबर से चल रहा भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं का चार दिवसीय क्रमिक अनशन सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों के सकारात्मक आश्वासन के उपरांत सौहार्दपूर्ण माहौल में स्थगित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के जनहित से जुड़े विकास कार्यों की गुणवत्ता व पारदर्शिता को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व में प्रशासन को पत्र सौंपा गया था। इसमें एसईसीएल हसदेव क्षेत्र से प्राप्त टर्मिनल टैक्स राशि के समुचित उपयोग, स्ट्रीट लाइट, सुगम सड़क निर्माण, अटल बाजार के संधारण सहित नगर के विभिन्न विकास कार्यों की वस्तुस्थिति की समीक्षा व प्रशासनिक जांच की मांग रखी गई थी। इसी संदर्भ में जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ता शांतिपूर्ण क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे।

जिलाध्यक्ष के पहुंचते ही बढ़ा कार्यकर्ताओं का उत्साह

आंदोलन के चौथे दिन भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले सीधे धरना स्थल पहुंचीं। उन्होंने अनशन पर बैठीं पार्टी कार्यकर्ताओं से आत्मीय भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जनहित से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। जिलाध्यक्ष की उपस्थिति से कार्यकर्ताओं में विशेष ऊर्जा का संचार हुआ।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मनेंद्रगढ़ एसडीएम एवं तहसीलदार प्रशासनिक टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करते हुए जनसमस्याओं के समाधान और उठाए गए बिंदुओं पर नियमानुसार उचित प्रशासनिक समीक्षा व आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया तथा अनशन समाप्त करने का आग्रह किया।

संवाद और सहमति के बाद जूस पिलाकर समाप्त कराया अनशन

प्रशासनिक अधिकारियों के सकारात्मक रुख के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले और उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच विस्तृत मंथन हुआ। जनहित और विकास कार्यों की समीक्षा के मिले ठोस भरोसे का सम्मान करते हुए धरने को स्थगित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।

इसके पश्चात जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले ने अनशन पर बैठीं महिला मोर्चा की प्रमुख कार्यकर्ताओं—श्रीमती रेणु सिंह, श्रीमती मीरा यादव, अंजली विश्वकर्मा, वंदना विश्वकर्मा तथा नगर की महिला पार्षद ममता सिंह एवं अर्चना उर्मलिया को स्वयं जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खोंगापानी के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं दिलाना और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना ही इस लोकतांत्रिक प्रयास का मुख्य ध्येय रहा है। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर आंदोलन को फिलहाल विराम दिया गया है तथा भविष्य में होने वाली सकारात्मक प्रगति पर संगठन रचनात्मक रूप से सक्रिय रहेगा।

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