सेवा संकल्प 2.0' में स्वास्थ्य शिविर: मंत्री ने काउच पर लेटकर दिया रक्त, कहा- 'रक्तदान सामाजिक औपचारिकता नहीं, किसी मरते हुए को जिंदगी देने का संकल्प'; कुल 19 यूनिट रक्त संग्रहित
जिला ब्यूरो चीफ बबलू जायसवाल
| मनेंद्रगढ़
नेतृत्व केवल मंच से भाषण देने का नाम नहीं, बल्कि आगे बढ़कर उदाहरण पेश करने का नाम है। इस बात को गुरुवार को मनेंद्रगढ़ में चरितार्थ किया प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने। 'सेवा संकल्प अभियान 2026' के दूसरे चरण और शासकीय मेडिकल कॉलेज के प्रवेश उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित महा रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं रक्तदान कर पूरे अंचल को मानवता की सेवा का सशक्त संदेश दिया। स्वास्थ्य मंत्री को रक्तदान काउच पर लेटे देख शिविर में मौजूद युवाओं और आम नागरिकों में जबरदस्त उत्साह भर गया, जिसके चलते शिविर में कुल 19 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ।
'रक्त की एक बूंद किसी का बुझता चिराग रोशन कर सकती है'
रक्तदान के उपरांत अपने अनुभव साझा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, "रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी या रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि यह किसी गंभीर मरीज को मौत के मुंह से खींच लाने का सबसे बड़ा माध्यम है। विज्ञान चाहे कितनी भी तरक्की कर ले, खून का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है; यह एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है।"
उन्होंने हर स्वस्थ नागरिक से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों को नया सवेरा दे सकता है।
अंतिम छोर के व्यक्ति तक संजीवनी पहुंचाना ही लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने अभियान के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि 'सेवा संकल्प अभियान' केवल जांच और इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं और जीवन रक्षक रक्त पहुंचाना है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करें, स्वयं नियमित रक्तदान करें और समाज में इस महादान के प्रति निरंतर अलख जगाते रहें। मंत्री की इस पहल के बाद कई समाजसेवियों और युवाओं ने कतारबद्ध होकर रक्तदान किया।


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